अगर 12 जुलाई के बाद जोधपुर से सफर है, तो पहले जान लें यह अपडेट... बदल गया एयर इंडिया का टर्मिनल

एयर इंडिया ने घोषणा की है कि 12 जुलाई 2026 से जोधपुर एयरपोर्ट की उसकी सभी उड़ानों का संचालन नए टर्मिनल भवन से किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक आधुनिक, आरामदायक और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है.

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अमित त्यागी
  • जोधपुर,
  • 11 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

अगर आप 12 जुलाई 2026 या उसके बाद जोधपुर एयरपोर्ट से एयर इंडिया की फ्लाइट से यात्रा करने वाले हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. एयर इंडिया ने घोषणा की है कि 12 जुलाई 2026 से जोधपुर एयरपोर्ट की उसकी सभी उड़ानों का संचालन नए टर्मिनल भवन से किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को अधिक आधुनिक, आरामदायक और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है.

मुंबई और दिल्ली के लिए नियमित उड़ानें
एयर इंडिया फिलहाल जोधपुर से मुंबई के बीच हर सप्ताह 7 उड़ानों का संचालन करती है. वहीं जोधपुर और दिल्ली के बीच सप्ताह में 6 उड़ानें संचालित की जाती हैं. इन दोनों प्रमुख शहरों के जरिए यात्रियों को देश और विदेश के कई महत्वपूर्ण गंतव्यों तक आसान कनेक्टिविटी भी मिलती है.

नए टर्मिनल में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल लगभग 23,342 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस आधुनिक टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए 20 चेक-इन काउंटर बनाए गए हैं. इसके अलावा एडवांस सिक्योरिटी स्क्रीनिंग सिस्टम, अत्याधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और 6 एयरोब्रिज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग की प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक तेज और सुविधाजनक होगी.

यात्रियों के लिए एयर इंडिया की सलाह
एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि 12 जुलाई 2026 या उसके बाद जोधपुर से यात्रा करने वाले सभी यात्री समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचें. नए टर्मिनल से संचालन शुरू होने के कारण शुरुआती दिनों में यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचने और नई व्यवस्थाओं को समझने में थोड़ा अतिरिक्त समय लग सकता है. इसलिए समय से पहले पहुंचने पर यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सकेगी. एयर इंडिया का मानना है कि नए टर्मिनल से उड़ानों का संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा. साथ ही एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं का विस्तार करना और अधिक आसान हो सकेगा.

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