अगर प्रेगनेंट महिलाओं को ट्रेन से सफर करना है तो टिकट बुक करने से पहले उन्हें रेलवे के कुछ खास नियम जानना जरूरी है. भारतीय रेलवे प्रेगनेंट महिलाओं की सुविधा को का खास ध्यान रखता है, जिसके चलते उनके लिए लोअर बर्थ प्रायऑर्टी पर रखता है. इसका मकसद सफर के दौरान उन्हें बार-बार ऊपर की बर्थ पर चढ़ने-उतरने की परेशानी से बचाना है.
प्रेगनेंसी के दौरान अपर या मिडिल बर्थ पर चढ़ना कई महिलाओं के लिए मुश्किल हो सकता है. इसी वजह से रेलवे के कुछ कोच में प्रेगनेंट महिलाओं के लिए लोअर बर्थ देने का रूल तय किया जाता है. इससे उन्हें आराम से बैठने और सोने की सुविधा मिल सकती है. साथ ही वॉशरूम जाने के लिए बार-बार ऊपर-नीचे नहीं चढ़ना पड़ता.
रेलवे की जानकारी के अनुसार, स्लीपर कोच में करीब 6 से 7 लोअर बर्थ, थर्ड एसी में करीब 4 से 5 और सेकंड एसी में करीब 3 से 4 लोअर बर्थ तय रहती हैं. लेकिन इन बर्थ का मिलना ट्रेन और टिकट की स्थिति पर डिपेंड कर सकती है.
प्रेगनेंट महिला लोअर बर्थ की सुविधा पाने के लिए रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS काउंटर पर टिकट बुक करा सकती है. वहां फॉर्म में प्रेगनेंसी की जानकारी देने पर उन्हें लोअर बर्थ के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है.
कई बार टिकट बुक करते समय सभी लोअर बर्थ पहले ही भर जाती हैं. ऐसी सिचुएशन में ट्रेन में यात्रा के दौरान प्रेगनेंट महिला अपनी परेशानी बताकर टीटीई से लोअर बर्थ देने का अनुरोध कर सकती है. यदि कोई लोअर बर्थ होगा तो टीटीई मदद कर सकता है.
ट्रेन से सफर करने वाली गर्भवती महिलाओं को टिकट बुक करने से पहले लोअर बर्थ की उपलब्धता और मौजूदा रेलवे नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.