नए पर्यटन सत्र के पहले दिन पन्ना टाइगर रिजर्व के मड़ला, अकोला और हिनौता गेट से पर्यटकों को जंगल में प्रवेश दिया गया. पार्क प्रबंधन ने सैलानियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. इसके बाद पर्यटक जिप्सियों से जंगल सफारी के लिए रवाना हुए. पन्ना टाइगर रिजर्व के उप निदेशक बृजेंद्र पटेल ने बताया कि पर्यटन सत्र के पहले दिन तीनों प्रमुख गेटों से कुल 50 जिप्सियों के जरिये पर्यटकों ने जंगल में प्रवेश किया. इसी दौरान हिनौता गेट के पास बाघ की मौजूदगी ने पर्यटकों का उत्साह बढ़ा दिया.
बढ़ रहा पर्यटकों से मिलने वाला राजस्व
क्षेत्र निदेशक बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, पिछले पांच-छह वर्षों में पन्ना टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही पार्क से मिलने वाला राजस्व भी बढ़ा है. पिछले पर्यटन सत्र में पार्क प्रबंधन को रिकॉर्ड 8.75 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था. अधिकारियों को उम्मीद है कि दिल्ली से खजुराहो के लिए वंदे भारत ट्रेन और बेहतर यातायात सुविधाओं से इस साल पन्ना आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है.
करीब 100 बाघ, बढ़ेगी साइटिंग की उम्मीद
सफल संरक्षण प्रयासों के चलते पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अब करीब 100 तक पहुंच गई है. बाघों की बढ़ती संख्या और उनके प्राकृतिक फैलाव से पर्यटकों को टाइगर साइटिंग का मौका मिलने की संभावना भी बढ़ी है. इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. साथ ही गाइडों से फीडबैक लेने की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है.
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