रामगंजमंडी-भोपाल नई रेल परियोजना के तहत ब्यावरा-सोनकच्छ के बीच बने 24.5 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर पहली बार 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर सफल ट्रायल किया गया. नए रेलखंड पर ट्रेन को पहली बार गुजरते देख आसपास के लोगों में खुशी का माहौल रहा. लंबे समय से इस इलाके के लोग रेल सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. ट्रायल सफल होने के बाद अब इस रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों के नियमित संचालन के लिए अंतिम औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है.
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ ट्रायल
रामगंजमंडी-भोपाल रेलवे लाइन का निरीक्षण करने के लिए मुंबई से रेल संरक्षा आयुक्त यानी सीआरएस गुरु प्रकाश अपनी टीम के साथ दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे. टीम ने ब्यावरा और नरसिंहगढ़ के सोनकच्छ के बीच बने 24.5 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर ट्रेन चलाकर इसकी क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया. ट्रेन को अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया. ट्रायल के दौरान सीआरएस ने मोटर ट्रॉली से पूरे नए रेलखंड का बारीकी से निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के दौरान जहां भी छोटी-मोटी कमियां मिलीं, उन्हें जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए. ट्रायल सफल होने के बाद अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने पर इस रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जा सकेगा.
276 किमी में से 226 किमी ट्रैक तैयार
रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना के तहत कुल 276 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनाई जा रही है. इसमें अब तक 226 किलोमीटर ट्रैक का काम पूरा हो चुका है. भोपाल मंडल के हिस्से में आने वाले 111 किलोमीटर में से 80 किलोमीटर ट्रैक तैयार हो चुका है. वहीं कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले 165 किलोमीटर में से 146 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण पूरा हो गया है. परियोजना के तहत घाटोली तक रेलवे ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है. ब्यावरा-सोनकच्छ रेलखंड पर सफल ट्रायल के बाद अब स्थानीय लोगों को जल्द ही नियमित रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र में यात्री आवागमन के साथ माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है.
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