उत्तराखंड की खूबसूरत टिहरी झील इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक टिहरी झील पहुंच रहे हैं और पर्यटक झील में बोटिंग, पैरासेलिंग तथा वाटर स्कूटी जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं. दिल्ली, मेरठ, हरियाणा, पंजाब, मथुरा और बनारस सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पर्यटक परिवार के साथ टिहरी झील की खूबसूरत वादियों में सुकून के पल बिता रहे हैं. कोई यहां बोटिंग का आनंद ले रहा है, तो कोई अपने जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए टिहरी झील पहुंच रहा है. पर्यटकों का कहना है कि यहां का शांत वातावरण, खूबसूरत नजारे और वाटर एडवेंचर उन्हें बेहद पसंद आ रहे हैं. पर्यटकों ने दूसरे लोगों से भी अपील की कि बच्चों की छुट्टियों में परिवार के साथ टिहरी झील घूमने जरूर आएं.
स्थानीय युवाओं की पहल से पर्यटन स्थल बनी टिहरी झील
टिहरी झील आज पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही है. वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील में पानी भरना शुरू हुआ था. शुरुआती वर्षों में यहां पर्यटन गतिविधियां सीमित थीं, लेकिन बाद में कोटी कॉलोनी और आसपास के स्थानीय युवाओं ने अपने संसाधनों से बोटिंग सहित अन्य गतिविधियां शुरू कर रोजगार की नई राह तैयार की है, साथ ही धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी और टिहरी झील की पहचान एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बनने लगी. इसके बाद पर्यटन विभाग ने भी यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू कीं. वर्तमान समय में टिहरी झील में संचालित वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां स्थानीय लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं.
टिहरी झील से स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार
टिहरी झील में पहुंच रहे पर्यटक यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद उठा रहे हैं. पर्यटकों का कहना है कि परिवार और दोस्तों के साथ यहां बिताया गया समय यादगार बन जाता है. यही वजह है कि छुट्टियों के दौरान टिहरी झील पर्यटकों की पसंदीदा जगह बनती जा रही है. पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.
पर्यटन विभाग का कहना है कि वर्ष 2013-14 से टिहरी झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग सहित विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित किया गया. इसके परिणामस्वरूप कई स्थानीय लोग पर्यटन व्यवसाय से जुड़कर अपनी आजीविका चला रहे हैं. विभाग को उम्मीद है कि आने वाले समय में टिहरी झील में पर्यटन गतिविधियों का और विस्तार होगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और टिहरी को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी.
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