आजकल बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने के लिए पहाड़ी इलाकों में जाते हैं. हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचने के बाद कुछ लोगों को सांस फूलने, चक्कर आने, कमजोरी महसूस होने और जल्दी थक जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ऊंचाई बढ़ने के साथ हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर को नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है. ऐसे में कुछ चीजों का आपको खास ध्यान रखना चाहिए.
पहाड़ों पर सांस फूलने लगे तो क्या करें?
अगर पहाड़ों पर यात्रा के दौरान सांस फूलने लगे, तो सबसे पहले घबराने की बजाय शांत रहें और कुछ देर आराम करें. तेज चलने, दौड़ने या ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने से बचें. धीरे-धीरे और गहरी सांस लेने की कोशिश करें ताकि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके.
पर्याप्त पानी पिएं
इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें. अगर संभव हो, तो कुछ समय के लिए कम ऊंचाई वाले स्थान पर चले जाएं.
शराब और धूम्रपान से दूर रहें
शराब और धूम्रपान से दूर रहना भी जरूरी है, क्योंकि ये शरीर में ऑक्सीजन की कमी की समस्या को और बढ़ा सकते हैं. जिन लोगों को पहले से दिल या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उन्हें डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं अपने साथ रखनी चाहिए.
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
सांस फूलने के साथ अगर सीने में दर्द, ज्यादा थकान, होंठ या नाखून नीले पड़ना, तेज सिरदर्द, लगातार चक्कर आना, भ्रम की स्थिति या चलने-फिरने में कठिनाई जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो इसे सामान्य नहीं समझना चाहिए. ये गंभीर स्वास्थ्य समस्या के संकेत हो सकते हैं. अगर आराम करने के बाद भी सांस लेने में दिक्कत बनी रहे या परेशानी तेजी से बढ़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. समय पर इलाज मिलने से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है.
यात्रा के दौरान इन गलतियों से बचें
पहाड़ों पर घूमने जाते समय बिना तैयारी के यात्रा शुरू करना, अचानक बहुत अधिक ऊंचाई पर पहुंच जाना या जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करना परेशानी बढ़ा सकता है. इसके अलावा पर्याप्त पानी न पीना, लंबे समय तक खाली पेट रहना और शरीर को आराम न देना भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
इन बातों का रखें खास ध्यान
यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी जरूर लें और खराब मौसम में जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचें. यदि सांस लेने में परेशानी, चक्कर या कमजोरी महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर की सहायता लें. थोड़ी सावधानी और सही तैयारी आपकी पहाड़ी यात्रा को सुरक्षित और यादगार बना सकती है.
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