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China High Speed Train: चीन ने चलाई दुनिया की सबसे तेज ट्रेन, तोड़े रफ्तार के सारे रिकॉर्ड

चीन की नई हाई-स्पीड ट्रेन 'सीआर450' ने ट्रायल रन में 896 किमी/घंटा की रफ्तार हासिल की है. यह ट्रेन 400 किमी/घंटा की व्यावसायिक गति से चलेगी, जो मौजूदा ट्रेनों से तेज है. इस ट्रेन का डिजाइन बाज की चोंच से प्रेरित है और इसमें सुरक्षा के लिए खास मैकेनिज्म है.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

चीन ने एक बार फिर हाई-स्पीड रेल तकनीक में अपना दबदबा साबित कर दिया है. देश ने अपनी नई पीढ़ी की सुपरफास्ट ट्रेन ‘CR450’ का सफल ट्रायल रन किया, जिसमें इसने 896 किलोमीटर प्रति घंटा की अविश्वसनीय गति हासिल की. यह उपलब्धि अब तक की दुनिया की सबसे तेज़ ट्रेन बनने का रिकॉर्ड है. अब तक यह रिकॉर्ड जापान की L0 सीरीज़ मैग्लेव ट्रेन के नाम था, जिसने 603 किमी/घंटा की स्पीड हासिल की थी। लेकिन चीन की CR450 ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

शंघाई और चेंगदू के बीच दौड़ेगी रेल
CR450 को चीन अपने दो प्रमुख शहरों, शंघाई और चेंगदू, को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना बना रहा है. हालांकि अभी ट्रायल फेज़ चल रहा है. ट्रेन को व्यावसायिक संचालन की मंजूरी तभी मिलेगी जब यह 6 लाख किलोमीटर का सफल ट्रायल पूरा कर लेगी. चीन की सरकारी मीडिया CGTN के अनुसार, ट्रेन की इंजीनियरिंग और सुरक्षा जांच अंतिम चरण में हैं.

CR450 को 400 किमी/घंटा की व्यावसायिक गति के लिए डिजाइन किया गया है, जो मौजूदा CR400 ‘फुक्सिंग’ ट्रेनों से 50 किमी/घंटा तेज है. इस ट्रेन की सबसे खास बात इसका तेज़ एक्सीलरेशन है. CR450 सिर्फ 4 मिनट 40 सेकंड में 350 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेती है. जबकि वर्तमान फुक्सिंग EMU ट्रेनों को इसी स्पीड तक पहुंचने में 6 मिनट 20 सेकंड लगते हैं. यानी नई ट्रेन लगभग 100 सेकंड तेज़ है.

डिजाइन में छिपा स्पीड का राज
CR450 के डिजाइन में एयरोडायनामिक्स पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसकी नाक का आकार बाज़  की चोंच और तीर जैसा बनाया गया है, जिससे हवा का दबाव कम होता है. ट्रेन के एयर ड्रैग में अन्य हाई-स्पीड ट्रेनों की तुलना में 22% की कमी की गई है. इसकी रूफलाइन 20 सेंटीमीटर घटाई गई है. बॉडी को लंबा, स्लिम और हल्का बनाया गया है. इन सुधारों से ट्रेन न केवल तेज़ गति पकड़ती है, बल्कि ऊर्जा की खपत भी कम करती है.

CR450 का विकास चीन के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की 5 साल की कड़ी मेहनत का परिणाम है. यह परियोजना चीन के उस विज़न का हिस्सा है जिसमें देश 2035 तक दुनिया की सबसे उन्नत रेल प्रणाली बनाने का लक्ष्य रखता है.

 

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