दुबई, ट्रांजिट और पॉइंट-टू-पॉइंट भारतीय यात्रियों, दोनों के लिए सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है. दुबई ने भारत से आने-जाने के लिए अतिरिक्त 50,000 साप्ताहिक सीटों के लिए उड़ान अधिकार (फ्लाइंग राइट्स) मांगे हैं. साथ ही, दुबई ने अपनी एयरलाइन्स के लिए अतिरिक्त कॉल पॉइंट्स - अमृतसर, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर, कन्नूर, गोवा, भुवनेश्वर, गुवाहाटी और पुणे के लिए सीधी उड़ान भरने की अनुमति भी मांगी है.
कई देश बढ़ाना चाहते हैं द्विपक्षीय संबंध
भारत-दुबई द्विपक्षीय फिलहाल प्रति सप्ताह 65,200 सीटों का हैं जिनका उपयोग दोनों पक्षों के नामित वाहक द्वारा किया जाता है. हालांकि, मोदी प्रशासन विदेशी देशों के मौजूदा उड़ान अधिकारों को बढ़ाने में ज्यादा खुला नहीं रहा है, जिसका उपयोग उनके वाहकों के साथ-साथ भारतीय लोगों द्वारा पारस्परिक आधार पर किया जा सकता है.
यूएई सहित कई देश (जबकि दुबई यूएई का हिस्सा है, इसे उड़ान अधिकारों के लिए अलग से माना जाता है) पिछले कुछ वर्षों से भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
अनुमति मिलते ही दुबई बढ़ा सकता है क्षमता
भारत से दुबई को अगर ज्यादा सीटों की अनुमति मिलता है तो वे तुरंत अपनी क्षमता बढ़ा सकते हैं. क्योंकि उनके पास ज्यादा एयरलाइन्स और वित्तीय साधन हैं. वहीं, भारत को उनके बराबर आने में समय लग सकता है. क्योंकि इसके लिए भारत को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी.
आपको बता दें कि कोविड-19 के बाद यात्रा में बढ़ोतरी हुई है और इस कारण दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक मोहम्मद ए अहली ने एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस बारे में लिखा है.