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Myanmar: लड़का हो लड़की , हर युवा को सेना में जाना अनिवार्य... म्यांमार में Junta का आदेश

म्यांमार में जुंटा को सशस्त्र विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष करना पड़ रहा है. इस बीच जुंटा ने फरमान जारी किया है कि देश के सभी युवाओं को अनिवार्य तौर पर सेना में शामिल होने पड़ेगा. 18 से 35 साल के पुरुष और 18 से 27 साल की सभी महिलाओं को सेना में दो साल तक सेवा देनी होगी. जुंटा का ये भी फरमान है कि जरूरत पड़ने पर इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है.

Myanmar soldiers
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 4:46 PM IST

म्यांमार में सैनिक तानाशाह ने सभी युवाओं के लिए फरमान जारी किया है. इस फरमान के मुताबिक चाहे लड़का हो या लड़की, हर युवा को सेना में भर्ती होना पड़ेगा. अगर किसी युवा ने तानाशाह का ये फरमान नहीं माना तो उसको जेल में डाल दिया जाएगा. हालांकि इस कानून से धार्मिक कामों से जुड़े सदस्यों को छूट दी गई है.

लड़का हो या लड़की, सैन्य सेवा अनिवार्य-
म्यांमार की सैन्य जुंटा ने सभी युवाओं के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा नियम लागू कर दिया है. स्टेट मीडिया के मुताबिक जुंटा ने नए भर्ती कानून का ऐलान किया है. इसके मुताबिक हर युवा को सेना में भर्ती होना अनिवार्य कर दिया गया है. देश के 18 साल से 35 साल के पुरुषों को 2 साल तक सेना में सेवा करनी होगी. इसके साथ ही 18 साल से 27 साल तक की महिलाओं के लिए भी ये नियम लागू किया गया है.

45 साल तक के डॉक्टर जैसे विशेषज्ञों को तीन साल तक सेवा देनी होगी. सेना की तरफ से ये भी फरमान जारी किया गया है कि आपातकाल में सेवा अवधि को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है.

सेना में आओ या जेल जाओ-
जुंटा ने युवाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य कर दिया है. अगर कोई युवा इससे बचने की कोशिश करता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान किया गया है. अगर कोई युवा इस कानून से बचने की कोशिश करता है तो उसको जेल की सजा हो सकती है. जुंटा के प्रवक्ता जॉ मिन चुन ने कहा कि देश की सुरक्षा और रक्षा करने का कर्तव्य सिर्फ सैनिकों का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का है. इसलिए मैं हर किसी से कहना चाहता हूं कि वे गर्व से सैन्य सेवा कानून का पालन करें.

साल 2021 में हुआ था तख्तापलट-
साल 2021 में म्यांमार में आंग सान सू की लोकतांत्रिक सरकार को सेना ने उखाड़ फेंका था. उसके बाद से लगातार म्यांमार में अराजकता का माहौल है. सेना को स्थानीय जातीय विद्रोही समूहों से जूझना पड़ रहा है. कई जगहों पर विद्रोही गुट सेना पर भारी पड़ रहे हैं. सेना को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. इन गुटों ने कई जगहों पर कब्जा भी कर लिया है.

इन विद्रोहों को दबाने के लिए म्यांमार सेना को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है. कई जगहों पर सेना के जवान भागकर अपनी जान बचा रहे हैं. म्यांमार सेना के कई जवान भारत और बांग्लादेश में भागकर अपनी जान बचाई है. बाद में इन देशों ने इन जवानों को म्यांमार भेजा है.

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