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मच्छरों से छुटकारा पाने का मार्केट में आया हाईटेक तरीका, हवा में उड़ते मच्छरों को लेजर से मारेगा डिवाइस, इतनी है कीमत

डिवाइस को सिर्फ मच्छरों पर हमला करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. कंपनी का कहना है कि यह इंसानों और बड़े जानवरों को भी पहचान सकता है. अगर कोई व्यक्ति या बड़ा जानवर लेजर के निशाने वाले इलाके में आ जाए तो डिवाइस अपना हमला रोक देता है.

Mosquitoes
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

मच्छरों से बचने के लिए अब तक लोग मच्छरदानी, कॉइल, स्प्रे और इलेक्ट्रिक मशीनों का इस्तेमाल करते रहे हैं. लेकिन चीन की एक कंपनी ने मच्छरों को मारने के लिए एक ऐसा हाईटेक डिवाइस तैयार किया है, जो हवा में उड़ते मच्छर को पहचानकर लेजर से निशाना बना सकता है. कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस बिना केमिकल के मच्छरों को खत्म करने के लिए बनाया गया है.

पावर बैंक जैसा दिखता है डिवाइस
इस डिवाइस को चीन के Photon Matrix Lab ने तैयार किया है. देखने में यह एक बड़े पावर बैंक जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर काफी एडवांस तकनीक इस्तेमाल की गई है. कंपनी के मुताबिक डिवाइस अपने आसपास के इलाके को LiDAR तकनीक से स्कैन करता है. यह हवा में उड़ने वाली छोटी और धीमी गति वाली चीजों को पहचान सकता है. मच्छर की पहचान होने के बाद सिस्टम उसे लेजर से निशाना बनाता है.

इंसान और बड़े जानवर आए तो लेजर बंद
डिवाइस को सिर्फ मच्छरों पर हमला करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. कंपनी का कहना है कि यह इंसानों और बड़े जानवरों को भी पहचान सकता है. अगर कोई व्यक्ति या बड़ा जानवर लेजर के निशाने वाले इलाके में आ जाए तो डिवाइस अपना हमला रोक देता है. यानी कंपनी ने सुरक्षा को भी सिस्टम का हिस्सा बनाया है.

डिवाइस की कीमत करीब 82 हजार रुपए तक
कंपनी ने डिवाइस के दो मॉडल पेश किए हैं. एक में इंफ्रारेड लेजर है, जिसकी कीमत 988 अमेरिकी डॉलर बताई गई है. दूसरे मॉडल में ब्लू लेजर है और इसकी कीमत 1,088 डॉलर है. इंफ्रारेड मॉडल का लेजर दिखाई नहीं देता और इसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बताया गया है. वहीं ब्लू लेजर मॉडल का बीम दिखाई देता है और इसे बगीचे या बाहरी जगहों के लिए डिजाइन किया गया है.

5 हजार से ज्यादा प्री-ऑर्डर
क्राउडफंडिंग के दौरान डिवाइस को काफी प्रतिक्रिया मिली और अब तक 5 हजार से ज्यादा ऑर्डर मिल चुके हैं. इनमें ज्यादातर ऑर्डर यूरोप और उत्तरी अमेरिका से आए हैं. इसके बाद मध्य-पूर्व के देशों का नंबर है. पहला बैच इसी महीने भेजे जाने की उम्मीद है. कंपनी के संस्थापक वांग चुआन के मुताबिक शुरुआत में उन्हें लगा था कि प्रोडक्ट तैयार करने में करीब तीन महीने लगेंगे, लेकिन इसे बाजार तक लाने में करीब तीन साल लग गए.

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