प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिन के इंडोनेशिया यात्रा पर हैं. इंडोनेशिया अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया. इससे पहले इंडोनेशिया की सीमा पर पहुंचते ही मेजबान देश के फाइटर जेट्स ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया. इस दौरे के दौरान पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन भी जाएंगे.
इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है. लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप है. दोनों देशों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध 2000 साल पुराना माना जाता है.
नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर-
इंडोनेशिया की संस्कृति पर हिंदू सभ्यता का गहरा प्रभाव है. आज भी इस ज्यादा आबादी वाले मुस्लिम देश की करेंसी पर भगवान गणेश की तस्वीर है. इंडोनेशिया के 20 हजार रुपिया के नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर छपी हुई है. इस देश में भगवान गणेश को ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक माना जाता है.
इंडोनेशियाई एयरलाइन का नाम गरुण-
इंडोनेशिया की भारतीय संस्कृति से गहरे लगाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस देश की राष्ट्रीय एयरलाइन गरुड़ा इंडोनेशिया का नाम गरुड़ के नाम पर रखा गया है. हिंदू संस्कृति में गरुड़ को भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है. गरुण को हिंदू धर्म के साथ ही बौद्ध धर्म में भी महत्वपूर्ण पक्षी माना जाता है. बौद्ध ग्रंथों के मुताबिक गरुड़ को सुपर्ण (सुंदर पंख वाला) कहा गया है.
इंडोनेशिया नौसेना का आदर्श वाक्य संस्कृत में-
इंडोनेशिया नौसेना का भी हिंदू संस्कृति से जुड़ाव है. नौसेना का आधिकारिक आदर्श वाक्य जलेष्वेव जयामहे है. यह संस्कृत से लिया गया है. जबकि इंडोनेशिया के राष्ट्रीय नारा में भी कई शब्द संस्कृत के हैं. उनका राष्ट्रीय 'नारा भिन्नेका तुंग्गल ईका' जावानी ग्रंथ काकाविन सुतसोम से लिया गया है.
हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां-
इंडोनेशिया में 87.02 फीसदी मुस्लिम हैं. जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 1.69 फीसदी और बौद्ध 0.73 फीसदी है. लेकिन इसके बावजूद इंडोनेशिया में कई देवी-देवाओं की मूर्तिया हैं. जकार्ता शहर के बीचों-बीच 85 फीट ऊंची अर्जुन और श्रीकृष्ण की मूर्ति है.
हर साल होती है रामलीला-
इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है. लेकिन आज भी वहां हिंदू मान्यताओं को माना जाता है. आज भी रामायम का मंचन होता है. उसे देखने के लिए हजारों लोग जुटते हैं. बाली और जावा में रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटक और सांस्कृतिक परंपराएं प्रचलित हैं.
इंडोनेशिया-भारत का संबंध 2000 साल पुराना-
इंडोनेशिया और भारत के संबंध 2000 साल पुराने माने जाते हैं. प्राचीन काल से ही इस देश में हिंदू सभ्यता का प्रभाव है. भारतीय व्यापारी हिंदू और बौद्ध संस्कृति को इंडोनेशिया में लेकर गए थे. प्राचीन काल में भारतीय व्यापारी मसालों का व्यापार करते थे. उनके साथ ही ये परंपराएं वहां पहुंची.
इंडोनेशिया पर कभी भी भारत का शासन नहीं रहा. लेकिन वहां के समाज ने भारतीय संस्कृति और परंपराएं अपनाई. भारत के नालंदा विश्वविद्यालय से विद्वानों का आना-जाना रहा. 13वीं से 15वीं सदी में मजापहित साम्राज्य में हिंदू परंपराओं को बढ़ावा मिला.
भारत और इंडोनेशिया के बीच कितनी दूरी?
भारत और इंडोनेशिया के बीच ज्यादा दूरी नहीं है. भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप और इंडोनेशिया के साबांग की दूरी करीब 160 किलोमीटर है. दोनों देशों के बीच समंदर है. यह मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर है, जहां से दुनिया का 25 फीसदी कारोबार होता है.
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