International Tiger Day 2026: 3 किमी तक दहाड़... 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार... बाघ से जुड़ी ये 10 रोचक बातें जान लीजिए आप

International Tiger Day: पूरी दुनिया में हर साल 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है. बाघ हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है. बाघ अपनी ताकत के लिए जाना जाता है.  बाघ का जबड़ा इतना ताकतवर होता है कि यह एक बार में हड्डियों को चबा सकता है. बाघ के दांत 4 इंच तक लंबे हो सकते हैं. आज हम आपको अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर बाघों के बारे में 10 रोचक बातें बता रहे हैं. 

International Tiger Day 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:31 AM IST

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस यानी इंटरनेशनल टाइगर डे हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य घटती बाघों की संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनके संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करना है. बाघ हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है. यह दुनिया में सबसे खूबसूरत व ताकतवर जानवरों में से एक है. आज हम आपको अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर बाघों के बारे में 10 रोचक बातें बता रहे हैं. 

1. बाघों की धारियां 
बाघों के ऊपर बनी धारियां दिखने में बहुत सुंदर लगती हैं. यह धारियां सभी बाघों पर एक जैसी नहीं होती हैं. इन अलग-अलग धारियों की मदद से बाघों की पहचान की जाती है. ये धारियों बाघों को जंगलों में छिपने में मदद करती हैं. 

2. बाघ की रफ्तार 
बाघ शक्तिशाली तो होते ही हैं साथ में इनकी रफ्तार भी काफी तेज होती है. बाघ किसी भी शिकार को पकड़ने के लिए अपनी ताकत और गति का इस्तेमाल करते हैं. बाग 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटी की रफ्तार से दौड़ सकता है. हालांकि कुछ किलोमीटर दौड़ने के बाद इसकी गति थोड़ी कम हो सकती है. 

3. बाघ की दहाड़ 
जंगल में जब बाघ दहाड़ता है तो पूरे जानवर कांप उठते हैं. बाघ की दहाड़ इतनी तेज होती है कि यह 3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दे सकती है. आपको मालूम हो कि बाघ की दहाड़ न सिर्फ डराने के लिए होती है बल्कि अपने इलाके को चिह्नित करने और दूसरे बाघों से बात करने के लिए भी दहाड़ का इस्तेमाल बाघ करते हैं. आपको मालूम हो कि बाघ सिर्फ दहाड़ते ही नहीं हैं बल्कि कई तरह की आवाजें भी निकाल सकते हैं. वे वे गुर्राते हैं, फुफकारते हैं और म्याऊं जैसी आवाज भी निकाल सकते हैं. 

4. रात में भी साफ देख लेते हैं बाघ
बाघ की आंखें किसी आदमी से छह गुना बेहतर देख सकती हैं. बाघों की आंखों में खास तरह की कोशिकाएं होती हैं, जिसे टेपेटम ल्यूसिडम कहते हैं. इसी के चलते बाघ अंधेरे में भी आसानी से देख सकता है. बाघ रात में भी अपने शिकार को आसानी से खोज लेते हैं. 

5. इतनी दूर से सूंघ लेते हैं शिकार
बाघों में सूंघने की क्षमता काफी तेज होती है. बाघ 1 किलोमीटर दूर से भी अपने शिकार को सूंघ सकते हैं. बाघों में आदमी की तुलना में पांच गुना अधिक घ्राण रिसेप्टर्स होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के गंधों का पता लगाने में मदद करते हैं. 

6. ताकतवर होता है जबड़ा 
बाघ का जबड़ा काफी ताकतवर होता है. बाघ एक बार में हड्डी तक को चबा जाता है. बाघ के दांत 4 इंच तक लंबे हो सकते हैं. बाघों के दांत शिकार को पकड़ने और मारने में मदद करते हैं. बाघ एक बार में 20 किलो तक मांस खा सकता है. यदि बाघ एक बार भरपेट खा ले तो वह इसके बाद वह 25 से 30 घंटों तक सो सकता है.

7. पानी से नहीं डरते हैं बाघ
बाघ पानी से डरते नहीं हैं. वे नदी, तालाब या झील में आसानी से तैर सकते हैं. बाघ एक बार में बिना रूके छह किलोमीटर तक पानी में तैर सकता है. 

8. कान होते हैं बहुत सेंसिटिव 
बाघों के कान बहुत सेंसिटिव होते हैं. बाघ न सिर्फ अपनी कानों से आवाज सुन सकते हैं बल्कि वे इनके जरिए संवाद भी करते हैं. बाघिन अपने कानों के पीछे के सफेद धब्बों का इस्तेमाल अपने शावकों से संवाद करने के लिए करती है. कानों के जरिए वे खतरे का संकेत भी देती हैं. बाघिन अपने कानों को फ्लैट करके शावकों को खतरे का संकेत देती है.

9. ज्यादातर अकेले रहते हैं बाघ
आपको मालूम हो कि बाघ अधिकतर अकेले रहना पंसद करते हैं. वे अपने इलाके को लेकर बहुत सख्त होते हैं. एक नर बाघ का इलाका 100 वर्ग किलोमीटर तक हो सकता है. बाघ पेड़ों पर निशान बनाकर या पेशाब छिड़ककर अपने क्षेत्र को चिह्नित करते हैं.

10. भारत में सबसे अधिक बाघ 
आपको मालूम हो कि पूरी दुनिया में भारत में सबसे अधिक बाघ पाए जाते हैं. नेशनल टाइगर कनजर्वेशन अथॉरिटी के मुताबिक भारत में बाघों की संख्या लगभग 2967 है. भारत में बाघ संरक्षण के लिए 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया गया था. वर्तमान में 58 टाइगर रिजर्व हैं. भारत के बाद रूस, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी बाघ पाए जाते हैं. 

भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व

  • जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड
  • काजीरंगा टाइगर रिजर्व, असम 
  • बांदीपुर टाइगर रिजर्व, कर्नाटक
  • नागरहोल टाइगर रिजर्व, कर्नाटक 
  • रणथंभौर टाइगर रिजर्व, राजस्थान 
  • सुंदरबन टाइगर रिजर्व, पश्चिम बंगाल
  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश
  • कान्हा टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश 
  • पेंच टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश/महाराष्ट्र
  • ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र

 

Read more!

RECOMMENDED