हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मई डे और श्रमिक दिवस के रूप में भी जाना जाता है. शुक्रवार को पूरी दुनिया में मजदूर दिवस माना जा रहा है. गूगल अक्सर महत्वपूर्ण दिनों को अपने डूडल के माध्यम से याद करता है. ऐसे में मजदूर दिवस पर भी गूगल ने डूडल बनाकर वैश्विक स्तर पर कामगारों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया है. गूगल का डूडल विशेष रूप से उन लोगों को सम्मानित करता है, जिन्होंने आधुनिक कार्यस्थलों को नया रूप दिया है.
क्यों मनाया जाता है मजदूर दिवस
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मजदूरों और श्रमिकों की उपलब्धियों का सम्मान करने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है. मजदूर दिवस की उत्पत्ति 19वीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) में श्रमिक संघ आंदोलन में हुई थी. आपको मालूम हो कि पूरी दुनिया में मजदूर दिवस न सिर्फ अलग-अलग नामों मनाया जाता है बल्कि अलग-अलग दिन भी मनाया जाता है. अमेरिका में सितंबर महीने के पहले सोमवार को नेशनल लेबर डे मनाया जाता है.
काम के घंटों को लेकर अमेरिका में हुई थी हड़ताल
1886 तक अमेरिका में मजदूरों की बड़ी दुर्दशा थी. मजदूरों को समय पर वेतन तक नहीं मिलता था. काम करने का समय भी काफी ज्यादा था. अमेरिका में 1 मई 1886 को श्रमिक संघों ने 8 घंटे के कार्यदिवस की वकालत करते हुए हड़ताल शुरू की थी. उनकी मांग थी कि काम के घंटे को 15 घंटों से घटाकर 8 घंटे कर दिया जाए. 4 मई 1886 को शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर पर मजदूरों की शांतिपूर्ण रैली करने और हड़ताल करने का निर्णय लिया था. इस हड़ताल में लगभग 11 हजार फैक्ट्रियों के 3 लाख 80 हजार मजदूर शामिल हुए था.
इस रैली में बम विस्फोट और गोलीबारी हुई थी. उस दिन चार मजदूर मारे गए थे और 100 से अधिक मजदूर घायल हुए थे. शिकागो में हुए हादसे के बाद यूरोप में भी प्रदर्शन होने लगे. शिकागो विरोध प्रदर्शन से प्रेरित होकर 1889 में पेरिस में एक बैठक किया गया. इसके बाद हर साल 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया. शिकागो वाले आंदोलन के कारण ही एक दिन छुट्टी का भी रखा गया. आज भी दुनिया के कई देशों में 1 मई को मजदूरों के लिए छुट्टी का दिन होता है. न्यूयॉर्क श्रम दिवस को मान्यता देने वाला बिल पेश करने वाला पहला राज्य था, जबकि ओरेगन 21 फरवरी 1887 को इस पर एक कानून पारित करने वाला पहला राज्य था.
भारत में सबसे पहले कब मनाया गया मजदूर दिवस
भारत में सबसे पहले मजदूर दिवस 1 मई 1923 को मनाया गया. इसे पहली बार चेन्नई में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान ने मनाया था. उसके बाद से देश में कई मजदूर संगठन 1 मई को मजदूर दिवस मनाने लगे. मजदूर दिवस को कामगार दिवस, कामगार दिन और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में भी जाना जाता है.
आज भी 1 मई को देश में श्रमिक दिवस मनाया जा रहा है. कई राज्यों में 1 मई को राजकीय अवकाश रहता है. दुनिया भर के लोग श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और उन्हें शोषण से बचाने के लिए 1 मई को मार्च और विरोध प्रदर्शन करके मजदूर दिवस को मनाते हैं. मजदूर दिवस के दिन भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. जागरूकता फैलाने के लिए कई देशों में इस दिन को सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया जाता है.