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Argentina President: फुटबॉल के दीवाने, बैंड में गाए गाने... डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति Javier Milei को जानिए

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति चुनाव में धुर दक्षिणपंथी लीडर जेवियर मिलेई 56 फीसदी वोट हासिल किए हैं. जेवियर को समाजवाद का प्रबल विरोधी, नारीवाद और गर्भपात का आलोचक, जलवायु परिवर्तन के लिए मानवीय कामों को जिम्मेदार ठहराने के विरोधी के तौर पर देखा जाता है. जेवियर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन माना जाता है.

Argentina's new President Javier Milei (Photo/Twitter)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

विवादित अर्थशास्त्री और धुर दक्षिणपंथी लीडर जेवियर मिलेई अर्जेंटीना के राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं. 19 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में जेवियर ने 56 फीसदी वोट हासिल किए हैं. मिलेई खुद को लायन बुलाना पसंद करते हैं. समाजवाद से प्रभावित लैटिन अमेरिका के इस देश में मिलेई के सत्ता में आने से सियासी बदलाव आने की उम्मीद है.

53 साल के जेवियर मिलेई अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक हैं. जेवियर ने राजकोषीय व्यय को कम करने का वादा किया है. आलोचक इसे कल्याणकारी योजनाओं में बदलाव के तौर पर देख रहे हैं. इतना ही नहीं, जेवियर ने लोकल करेंसी को खत्म करने और केंद्रीय बैंक को बंद करने का वादा भी किया है.

जेवियर मिलेई का सियासी सफर-
जेवियर कुछ साल पहले तक टीवी न्यूज शो में एक एक्सपर्ट के तौर पर शिरकत करते थे. उस दौरान उन्होंने जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार ना कर पाने के लिए राजनीतिक दलों की आलोचना की. साल 2021 में जेवियर ने सियासत में कदम रखा और अपनी राजनीतिक पार्टी लिबर्ट अन्जा (फ्रीडम एडवांसेज) के प्रतीक के तौर पर प्रतिनिधि चुने गए.

इस साल अगस्त में प्राइमरी इलेक्शन में जेवियर ने सबसे ज्यादा वोट शेयर हासिल किया. उनके इस प्रदर्शन ने सियासी पंडितों को चौंका दिया. जेवियर को 30.5 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंदी रूढ़िवादी गठबंधन को 28 फीसदी और सत्तारूढ़ पेरोनिस्ट गठबंधन को 27 फीसदी वोट मिले थे.

राष्ट्रपति चुनाव से पहले जेवियर ने स्थानीय मुद्रा पेसो को अमेरिकी डॉलर से बदलने का प्रस्ताव दिया और इसके साथ ही केंद्रीय बैंक को खत्म करने का भी विचार रखा. जेवियर की आर्थिक योजनाओं ने वोटर्स को प्रभावित किया. अर्जेंटीना में मुद्रास्फ्रीति की दर 140 फीसदी से ऊपर है. जिससे लोगों को जीवनयापन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में 10 में से 4 लोग गरीबी से जूझ रहे हैं. इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि देश इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का सबसे बड़ा कर्जदार है.

नारीवाद और गर्भपात के विरोधी-
जेवियर मिलेई ने अपनी आर्थिक नीतियों के अलावा सामाजिक मुद्दों पर भी धुर दक्षिणपंथी रूख अपनाया है. जेवियर नारीवादी नीतियों का विरोध करते हैं और गर्भपात के खिलाफ आवाज उठाते हैं. आपको बता दें कि हाल के वर्षों में अर्जेंटीना में गर्भपात को कानूनी मान्यता दी गई है. जेवियर ने अपने कैंपेन में गर्भपात के अधिकार को रद्द करने के लिए जनमत संग्रह कराने का प्रस्ताव रखा था. जेवियर जलवायु परिवर्तन के लिए इंसानों को जिम्मेदार ठहराने वाली सोच के भी विरोधी हैं.

ट्रंप के समर्थक हैं जेवियर-
जेवियर मिलेई को 'अमेरिका का ट्रंप' कहा जाता है. क्योंकि कई मुद्दों पर उनके विचार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलते हैं. जेवियर ने खुद सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वो डोनाल्ड ट्रंप के प्रशंसक हैं. जेवियर की चुनावी रैलियों में 'मेक अर्जेंटीना ग्रेट अगेन' की टोपियां दिख जाती हैं. आपको बता दें कि ट्रंप ने भी चुनाव में 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के नारे लगाए थे.

फुटबॉल का दीवाना, बैंड में गाया गाना-
जेवियर मिलेई बचपन से ही फुटबॉल के फैन रहे हैं. शुरुआती दिनों में वो फुटबॉल भी खेला करते थे और वो एक अच्छे गोलकीपर रहे हैं. फुटबॉल के अलावा जेवियर संगीत प्रेमी भी रहे हैं. मिलेई ने रोलिंग स्टोन्स कवर बैंड एवरेस्ट के लिए मुख्य सिंगर की भूमिका निभाई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 1980 के दशक में अत्यधिक मुद्रास्फीति ने उनको करियर बदलने पर मजबूर कर दिया. इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई शुरू की. अर्थशास्त्री के तौर पर जेवियर ने कॉरपोरेशन अमेरिका के साथ काम किया. ये कंपनी अर्जेंटीना में कई हवाई अड्डों का प्रबंधन करती है. साल 2021 में सियासत में आने तक वो कॉरपोरेशन के मुख्य  अर्थशास्त्री के तौर पर काम कर रहे थे.

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