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Nepal flash flood: नेपाल के लिए अगले तीन दिन हैं भारी... और आ सकती है तबाही, 30 लाख घनमीटर पानी आने का अनुमान, चीन ने जारी की एडवाइजरी

तिब्बत में हुए लैंडस्लाइड और भोटेकोशी नदी में आए बाढ़ के बाद नेपाल अभी एक बड़े आपदा से खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में चीन ने एक और चेतावनी नेपाल को दे डाली है. चीनी जलस्रोत मंत्रालय के मुताबिक, हिमालय में दो नदियों के संगम पर बनी झील भर चुकी है, इसके फटने पर बड़ी तबाही आ सकती है.

Another flood threat? China says barrier lake near Nepal border is overflowing
पंकज दास
  • काठमांडू,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच अब चीन की तरफ से सामने आई जानकारी ने खतरे की चिंता और बढ़ा दी है. चीन के जलस्रोत मंत्रालय के अनुसार, भोटेकोशी नदी के उद्गमस्थल पर पानी का बहाव रुकने से करीब 20 लाख घनमीटर पानी जमा होकर एक बड़ा तालाब बन गया है. गुरुवार दोपहर तक इस तालाब से पानी ओवरफ्लो होकर बहना भी शुरू हो गया है. हालांकि तबाही का आलम यहीं नहीं रुकता दिखाई दे रहा है. चीन से नेपाल और सतर्क रहने के लिए कहा है. जहां जलजले ने कभी न भूलने वाला घाव लोगों को दिया है, वहीं नेपाल पर अगले तीन दिन बहुत भारी बताए जा रहे हैं. 

तीन दिन में 30 लाख घनमीटर और पानी पहुंचने का अनुमान
चीन के दावों के मुताबिक, अगले तीन दिनों के दौरान इस स्थान पर करीब 30 लाख घनमीटर अतिरिक्त पानी पहुंच सकता है. चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी ने जलस्रोत मंत्रालय के हवाले से बताया कि बने हुए तालाब के टूटने का खतरा काफी अधिक है. ऐसे में अगर यह तालाब टूटता है तो नेपाल पर एक और विपत्ति का पहाड़ टूट सकता है. यह तालाब नेपाल-चीन सीमा के पास चीन के केरूंग काउंटी में छोचेन नदी और पुरेपु छांग्पो नदी के संगम पर स्थिति है. यह जगह नेपाल के रसुवागढ़ी नाके से लगभग केवल 2.5 किलोमीटर दूर बताई जा रही है. यही नजदीकी इलाका होने की वजह से तालाब टूटने की संभावित स्थिति पर नेपाल में अभी भी खतरा बना हुआ है.

चीन लगातार रख रहा तालाब पर नजर
चीनी जलस्रोत मंत्रालय कि माने तो विभाग तालाब की स्थिति पर लगातार अपनी निगरानी बनाए हुए है. काठमांडू स्थित चीनी दूतावास की ओर से दावा किया गया है कि अगर तालाब अचानक टूट जाता है तो ऐसी स्थिति में आपातकालीन बचाव अभियान किस तरह चलाया जाए, इस पर अध्ययन किया जा रहा है. संभावित बांध टूटने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए काल्पनिक परिस्थितियों का अभ्यास और उनका विश्लेषण भी किया जा रहा है. इसका मकसद अचानक पैदा होने वाली आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को समझना है.

करीब 100 चीनी नागरिकों के लापता होने का अंदेशा
इसी बीच चीन के दक्षिण-पश्चिमी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित केरूंग बंदरगाह को भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है. इसके बाद चीनी पक्ष ने बड़े स्तर पर बचाव और राहत दलों को तैनात कर दिया है. चीन की ओर से यह भी कहा गया है कि नेपाल की तरफ करीब 100 चीनी नागरिकों के लापता होने का अंदेशा है. ऐसे में एक तरफ नेपाल पहले से बाढ़ की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीमा के पास बने पानी के इस बड़े तालाब के टूटने की आशंका ने खतरे को और बढ़ा दिया है.

फिलहाल चीन की ओर से तालाब की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है. नेपाल-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित इस जगह को देखते हुए नेपाल पर खतरा अभी टला नहीं है.
 

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