Advertisement

Nepal PM On Flood Devastation: नेपाल में बाढ़ से कोहराम! पीएम बालेन्द्र शाह ने जताया दुख, अस्पतालों में घयलों के लिए विशेष व्यवस्था, रातभर चलेगा रेस्क्यू

नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राहत-बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं. घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है.

Nepal PM On Flood Devastation
पंकज दास
  • काठमांडू,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:12 PM IST

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ से भारी जन-धन का नुकसान हुआ है. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने हादसे पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बताया कि बाढ़ में अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की दुखद खबर मिली है. प्रधानमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

सरकार ने बड़े स्तर पर शुरू किया राहत-बचाव अभियान
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ की जानकारी मिलते ही सरकार ने बिना देर किए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों और तंत्रों को राहत एवं बचाव अभियान में लगा दिया. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक के बाद राष्ट्रीय परिषद और मंत्रिपरिषद की बैठक भी हुई. इन बैठकों में बचाव, खोज और राहत कार्यों को तेज करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए.

सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस जुटी
प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने और लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें तत्काल तैनात की गई हैं. नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडू लाकर उनका इलाज शुरू कराया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना, लापता लोगों को तलाशना और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित रखना है.

वीर अस्पताल और ट्रमा सेंटर में 100 बेड रिजर्व
घायलों के आसान और मुफ्त इलाज के लिए काठमांडू के वीर अस्पताल और राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. काठमांडू घाटी के दूसरे बड़े अस्पतालों को भी जरूरत पड़ने पर घायलों के इलाज के लिए तैयार रखा गया है.

सरकार ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें भेजकर घायलों के रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की है. राष्ट्रीय ट्रमा सेंटर और अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों की ओर से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं. नेपाल स्काउट और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई संस्थाओं ने डॉक्टर, बचावकर्मी और स्वास्थ्य सामग्री भी भेजी है.

प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी और अस्थायी आवास
प्रधानमंत्री ने बताया कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और रक्त की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए रक्तसंचार केंद्र, बागमती और गंडकी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालयों, नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी, लायंस क्लब और नेपाल स्काउट समेत कई संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है.

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में नुवाकोट का विदुर, रसुवा के उत्तरगया और गोसाइँकुण्ड, धादिङ के गजुरी, गल्छी, बेनीघाट, त्रिपुरासुन्दरी और सिद्धलेख तथा गोरखा के शहीद लखन और गण्डकी गांवपालिका शामिल हैं. सरकार ने प्रभावित परिवारों तक तत्काल भोजन, साफ पेयजल, दवाइयां और अस्थायी आवास पहुंचाने का आश्वासन दिया है.

रातभर जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ में लापता लोगों की तलाश और तेज की जाएगी. घायलों और बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी भी जुटाई जा रही है. उन्होंने बताया कि बचाव अभियान बुधवार रातभर जारी रहेगा.

सड़क, पुल और बिजली परियोजनाओं की होगी मरम्मत
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली और पेयजल परियोजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण किया जाएगा. विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर दोबारा बसाने की व्यवस्था भी की जाएगी.

उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में वे अकेले नहीं हैं. राज्य अपने सभी साधनों और संसाधनों के साथ उनके साथ खड़ा है. प्रभावित लोगों के रेस्क्यू, इलाज, भोजन और आवास की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी. प्रधानमंत्री शाह ने सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, युवा स्वयंसेवकों और आम नागरिकों से भी सरकार के राहत एवं बचाव अभियान में अपनी तरफ से सहयोग करने की अपील की है.
 

ये भी पढ़ें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement