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तिब्बत से आई विनाशक बाढ़, नेपाल में मची भारी तबाही, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से लेकर पुलिस चौकी तक बर्बाद

तिब्बत की तरफ से अचानक आई बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही मची है. नेपाल के रसुवा जिले में भारी नुकसान हुआ है. तीन पुलिस कार्यालय भी प्रभावित हुए हैं. इसमें इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी शामिल हैं. चार जिलों की तरफ जाने वाली गाड़ियों को काठमांडू में रोक दिया गया है.

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Nepal Flood (Photo/Screengrab) Nepal Flood (Photo/Screengrab)

तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है. लेन्दे खोला (भोटेकोशी) में आई बाढ़ से रसुवा सीमा नाके पर बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से पूरी तरह तहस-नहस हो गए हैं.

तिब्बत से आई बाढ़ से नेपाल में तबाही-
रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी के अनुसार, बाढ़ ने बाजार और कस्टम कार्यालय क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि रसुवा भन्सार क्षेत्र में बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान मौजूद थे, जो बाढ़ में बह गए. पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बाढ़ में बह गया है.

जिला पुलिस कार्यालय रसुवा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आई भीषण बाढ़ से टिमुरे बाजार की बस्ती प्रभावित हुई. रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने कहा कि अचानक आई बाढ़ से निचले तटीय क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं के बह जाने और बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने की भी खबर मिली है.

तीन पुलिस कार्यालयों को भी नुकसान-
तिब्बत की ओर से आई बाढ़ से नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी भारी क्षति पहुंची है. पुलिस प्रधान कार्यालय के अनुसार रसुवा जिले में इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी प्रभावित हुए हैं.

इस बीच, नुवाकोट में भी बाढ़ पहुंच गई है. जिला प्रशासन कार्यालय नुवाकोट के सूचना अधिकारी रूपेश प्रसाद नेपाल ने इसकी पुष्टि की है.

4 जिलों की ओर जाने वाले वाहन काठमांडू में रोके गए-
रसुवा में बाढ़ और संभावित जोखिम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया है.

काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के एसपी नरेशराज सुवेदी के अनुसार, बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन जिलों की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है.

दो सैन्य हेलीकॉप्टर रसुवा रवाना-
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा के लिए रवाना हुए हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि दोनों हेलीकॉप्टर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की ओर भेजे गए हैं.

भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी तैयार अवस्था में रहने का निर्देश दिया है.

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के सचिवालय के अनुसार, सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को आवश्यक होने पर तत्काल परिचालन के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

5 जिलों के नदी तटीय क्षेत्रों में सतर्कता-
भोटेकोशी नदी में बाढ़ के कारण रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन से होकर बहने वाली नदियों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है.

इस बीच, रसुवा में बाढ़ से हुई व्यापक क्षति को लेकर गृह मंत्री सुदन गुरुङ की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक शुरू हो गई है. बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, खोज एवं बचाव तथा राहत कार्यों के संबंध में आवश्यक निर्णय लिए जाने की तैयारी है.

नेपाल के गृहमंत्री की अपील-
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने रसुवा में भोटेकोशी नदी में तिब्बत की ओर से बड़ी बाढ़ आने के बाद नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

गृह मंत्री की ओर से जारी अत्यावश्यक सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय क्षेत्र मुग्लिन तक उच्च सतर्कता और उच्च जोखिम में हैं. इसलिए रसुवा, धादिङ, गोरखा, चितवन और नुवाकोट जिलों के नदी किनारे रहने वाले परिवारों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने का अनुरोध किया गया है.

हेल्पलाइन नंबर जारी-
सूचना में कहा गया है कि यदि किसी स्थान पर खोज एवं बचाव की आवश्यकता हो या किसी प्रकार की सहायता की जरूरत महसूस हो तो तत्काल टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क किया जाए.

गृह मंत्री ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी–नुवाकोट–रसुवा–स्याफ्रुबेसी सड़क तथा मुग्लिन–नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने और इन मार्गों पर आवागमन पूरी तरह रोकने का भी आग्रह किया है.

सरकार ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है.

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुलाई आपात बैठक-
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुए भारी तबाही के बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है. उनके सलाहकार असीम शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री शाह सीधे ही प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं और हर पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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