थाईलैंड के वैज्ञानिकों ने ब्लड टेस्ट के दौरान एक बेहद दुर्लभ ब्लड टाइप खोजा है, जो अभी तक दुनिया में सिर्फ 3 लोगों में मिला है. इसे B(A) हाइब्रिड ब्लड टाइप कहा जा रहा है. यह इतना अनोखा है कि सामान्य ब्लड टेस्ट भी इसे पहचान नहीं पाते.
हाइब्रिड B(A) टाइप आखिर है क्या?
इस नए ब्लड टाइप में खून तो B टाइप का है, लेकिन इसके अंदर A टाइप जैसी हल्की-सी एक्टिविटी भी पाई गई. यानी टेस्ट में यह कभी B जैसा दिखता है, तो कभी A जैसा. इसलिए मशीनें और डॉक्टर दोनों कन्फ्यूज हो जाते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह किसी जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से होता है, जो दुनिया में बेहद दुर्लभ है. शोधकर्ताओं ने पाया कि इस दुर्लभ ब्लड टाइप वाले लोगों के ABO जीन में चार अनोखी म्यूटेशन मौजूद थीं. अमूमन यह जीन तय करता है कि आपका खून A, B या AB कैसा दिखेगा.
थाईलैंड के सिरिराज अस्पताल ने 8 साल में 5,44,230 ब्लड सैंपल चेक किए. इतने बड़े डेटा में सिर्फ तीन लोगों में यह दुर्लभ B(A) हाइब्रिड ब्लड टाइप मिला. यह संख्या बताती है कि यह ब्लड टाइप बेहद मुश्किल से मिलता है.
किस आधार पर होता है ब्लड टेस्ट
ब्लड टेस्ट दो आधारों पर होता है. रेड ब्लड सेल पर मौजूद एंटीजेन और प्लाज्मा की एंटीबॉडी. कई बार दोनों रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खातीं, जिसे ABO discrepancy कहा जाता है. ऐसा होने पर डॉक्टरों को परीक्षण दोहराना पड़ता है और असल ब्लड टाइप समझना मुश्किल हो जाता है. इसी तरह की गड़बड़ी वाले केसों की जांच करते समय वैज्ञानिकों को यह नया हाइब्रिड B(A) ब्लड टाइप मिला, जो सामान्य टेस्ट में पकड़ में नहीं आता.
पहले भी मिल चुके हैं रेयर ब्लड टाइप
यह खोज इसलिए बड़ी मानी जा रही है क्योंकि सामान्य ब्लड टेस्ट इतने सूक्ष्म बदलाव पहचानने में सक्षम नहीं होते. इसका मतलब है कि दुनिया में और भी दुर्लभ ब्लड टाइप मौजूद हो सकते हैं जो अभी तक खोजे ही नहीं गए. पिछले कुछ सालों में वैज्ञानिकों ने कई दुर्लभ ब्लड टाइप खोजे हैं. 1972 में मिली एक गर्भवती महिला के रहस्यमय खून को 2024 में नया ब्लड ग्रुप सिस्टम बताया गया. इसी तरह फ्रांस में एक महिला में Gwada-negative नाम का अनोखा ब्लड टाइप मिला, जो दुनिया में सिर्फ उसी के पास है.