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30 सालों से गुमनाम उस गांव की कहानी, जिस पर बरसा था प्रकृति का कहर

आज के तीस साल पहले स्पेन के पुर्तगाल का एक गांव बाढ़ के कारण पानी में डूब गया था, लेकिन अब जलाशय के सूख जाने के बाद ये वापस से दिखने लगा है. इस गांव का नाम एसेरेडो है.

30 सालों से गुमनाम उस गांव की कहानी, जिस पर बरसा था प्रकृति का कहर
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST
  • 30 साल पहले पानी में डूबा था गांव
  • बांध के पानी के कारण डूबा गांव
  • कभी यहां भी बसता था जीवन

दुनिया भर में कई ऐसे गांव और शहर हैं जो बाढ़ के चलते डूब जाते हैं. फिर वहां हमेशा के लिए संसार उजड़ सा जाता है. स्पेन में पुर्तगाल की सीमा पर भी एक ऐसा गांव बसा है जो सालों पहले बाढ़ के कारण डूब गया, लेकिन अब ये गांव अचानक से दिखने लगा है. तो आइए आज आपको पानी की गर्त में डूबे इस गांव के बारे में बताते हैं. 

30 साल पहले पानी में डूबा था गांव
आज के तीस साल पहले स्पेन के पुर्तगाल का एक गांव बाढ़ के कारण पानी में डूब गया था, लेकिन अब जलाशय के सूख जाने के बाद ये वापस से दिखने लगा है. इस गांव का नाम एसेरेडो है. सालों से पानी में डूबे इस गांव को लोग भूतिया गांव भी कहते हैं. अब आप सोच रहे होंगे की इतने साल बाद आखिर ये गांव बाहर कैसे आया. दरअसल पुर्तगाल के साथ स्पेन की सीमा पर एक बड़े सुखे के कारण बांध खाली हो जाने के कारण ये गांव वापस से दिखने लगा है.

बांध के पानी के कारण डूबा गांव
बताया जाता है कि 1992 में बाढ़ आने के बाद यहां के लोगों को दूसरी जगहों पर भेज दिया गया था, क्योंकि यहां पर जलाशय के लिए रास्ते का निर्माण करना था. दरअसल ये गांव पुर्तगाल के जल विद्युत संयंत्र के डूबे क्षेत्र में पड़ता था. बताया जाता है कि जब बांध से पानी छोड़ दिया गया, तो लिमिया नदी में बाढ़ आ गई. जिसके कारण ये गांव और आस-पास के इलाके पानी में डूब गए. 

कभी यहां भी बसता था जीवन
अब तीस साल बाद जब जलाशय में पानी कम हुआ तो एसेरेडो गांव खंडहर की हालत में दोबारा से दिखने लगा. तबाही के बाद दिखता ये खंडहर वाकई में भयानक है. इसके देखकर लगता है कि एक समय में यहां पे जिंदगी बसती थी. इस खंडहर में एक पुराना कैफे, एक पानी निकलता हुआ फव्वारा, और एक ज़ंग लगी गाड़ी ये साफ बताती है कि यहां भी कभी खूबसूरती बसती थी. लेकिन आज से सब एक खंडहर है.

अब तबाही देखने आते हैं पर्यटक
रॉयटर्स से बात करते हुए क्षेत्र के ही एक 65 वर्षीय मैक्सिमिनो पेरेज़ रोमेरो ने कहा कि, "ऐसा लगता है जैसे मैं एक फिल्म देख रहा हूं. मुझे से सब देखकर बहुत दुख होता है." उन्होंने आगे कहा कि, "यहां पर जो कुछ भी हो रहा है वो जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है." हालांकि अब ये गांव लोगों के लिए पर्यटन का केंद्र बन गया है. इस तबाही को देखने के लिए यहां दूर-दूर से पर्यटक आते हैं.

 

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