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नींद की समस्या के इलाज में दिया गया 'मिल्क इंजेक्शन', कार्डियक अरेस्ट के बाद कोमा में चली गई मॉडल, 18 दिन बाद हुई मौत

काई यूशिन ताइवान की एक जानी-मानी मॉडल थीं और 32,000 से ज्यादा फेसबुक फॉलोअर्स थे. अपनी सुंदरता और 5 फीट 7 इंच की लंबाई के कारण लोग उन्हें एक्ट्रेस लिन ची-लिंग से तुलना करते थे.

Injection
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 20 जून 2025,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST
  • डॉक्टर इंजेक्शन देकर क्लिनिक से चले गए
  • इंजेक्शन की डोज ज्यादा पड़ गई, कार्डियक अरेस्ट हुआ

ताइवान की फेमस कार शो मॉडल काई यूशिन की प्रोपोफोल इंजेक्शन (जिसे आमतौर पर ‘मिल्क इंजेक्शन’ कहा जाता है) से मौत हो गई है. वह ताइपेई के फेरी क्लिनिक (Fairy Clinic) में इलाज के लिए गई थीं, जहां उन्हें यह जानलेवा इंजेक्शन दिया गया. यह दवा आमतौर पर बेहोशी (एनेस्थीसिया) के लिए अस्पतालों में प्रयोग की जाती है, न कि नींद की समस्या के इलाज के लिए.

लंबे समय से अनिद्रा से पीड़ित थीं काई यूशिन
काई यूशिन ताइवान की एक जानी-मानी मॉडल थीं और 32,000 से ज्यादा फेसबुक फॉलोअर्स थे. अपनी सुंदरता और 5 फीट 7 इंच की लंबाई के कारण लोग उन्हें एक्ट्रेस लिन ची-लिंग से तुलना करते थे. उन्हें लंबे समय से नींद न आने (इंसोम्निया) की समस्या थी और इसी को लेकर उन्होंने 25 मई को एक दोस्त के कहने पर Fairy Clinic में प्रोपोफोल इंजेक्शन लेने का निर्णय लिया.

डॉक्टर इंजेक्शन देकर क्लिनिक से चले गए
प्रोपोफोल इंजेक्शन क्लिनिक के सर्जन वू शाओहु (Wu Shaohu) ने दिया. उन्हें "गॉडफादर ऑफ लिपोसक्शन" के नाम से जाना जाता है. लेकिन इंजेक्शन देने के बाद वू क्लिनिक से बाहर चले गए और काई की निगरानी के लिए केवल एक मेल नर्स को छोड़ गए, जिसके पास नर्सिंग का लाइसेंस नहीं था.

इंजेक्शन की डोज ज्यादा पड़ गई, कार्डियक अरेस्ट हुआ
स्थानीय समाचार United Daily News के अनुसार, इंट्रावेनस ड्रिप के सेटअप में गलती के कारण दवा की डोज अधिक मात्रा में और तेजी से शरीर में पहुंच गई. इससे काई को अचानक Cardiac Arrest आ गया.

सर्जन वू जबतक क्लिनिक आए तब तक काई की सांसें थम चुकी थीं और दिल धड़कना बंद हो गया था.

18 दिन तक कोमा में रही
काई को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह कोमा में चली गईं. 18 दिनों के इलाज के बाद, 12 जून को उनके परिवार ने लाइफ सपोर्ट हटाने का फैसला लिया, जिससे उनकी मौत हो गई.

डॉक्टर पर केस, स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुरू की जांच
ताइवान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्रोपोफोल एक Schedule IV नियंत्रित दवा है जिसे केवल प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में ही उपयोग किया जा सकता है. वू पर लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाने और Medical Care Act के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है.

ताइवान के एनेस्थीसियोलॉजिस्ट लाई शियानयोंग ने कहा, “हर साल ऐसे केस होते हैं. यह गंभीर लापरवाही है. जिनके पास वेंटिलेशन या एयरवे मैनेजमेंट का प्रशिक्षण नहीं है, वे ऐसे खतरनाक इलाज कर रहे हैं.”

सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा
काई की मौत के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने दुख और नाराजगी जाहिर की. एक यूजर ने लिखा, “यह हत्या है. आरोपियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए.” दूसरे ने लिखा, “RIP काई, तुम हमेशा याद आओगी.”

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