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ट्रंप का UN में ईरान पर हमला, बोले- 'ईरान पहले दबंग था, अब नहीं रहा', रूस-यूक्रेन जंग जल्द खत्म होने का दावा

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की ताकत कम कर दी है. ईरान अब पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा. उन्होंने कहा कि ईरान मिडिल ईस्ट का दबंग था, लेकिन अब वह ऐसा नहीं रहा.

US President Donald Trump
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:52 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान ईरान, रूस-यूक्रेन युद्ध और गाजा समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और कमर्शियल जहाजों पर हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया और दुनिया के देशों से तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील की. संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल जनरल डिबेट 22 से 28 सितंबर तक न्यूयॉर्क में चल रहा है.

ईरान पर ट्रंप का सख्त रुख, बोले- अब वह बुली नहीं
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. उन्होंने ईरान को पहले मिडिल ईस्ट का ‘बुली’ बताते हुए कहा कि अब वह ऐसा नहीं रहा. ट्रंप ने UN सदस्य देशों से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ईरान को कमर्शियल शिपिंग पर हमले रोकने, परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने और आतंकवाद के समर्थन से पीछे हटने की जरूरत है. ट्रंप ने ईरान के मौजूदा व्यवहार को कमजोरी और हताशा से जोड़ते हुए भी बयान दिया.

ईरान के साथ समझौता या उसे खत्म करना
अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि ईरान को लेकर उनके सामने बड़ा फैसला है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास ईरान के साथ समझौता करने या सैन्य दबाव जारी रखने जैसे विकल्प हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति कभी नहीं देंगे. हालांकि, उनके भाषण के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावना को लेकर अलग-अलग संकेत भी सामने आए हैं. Reuters के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से संभावित कूटनीतिक बातचीत के संकेत मिले हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोले- उम्मीद से जल्दी हो सकता है अंत
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें उम्मीद है कि युद्ध का समाधान लोगों की अपेक्षा से जल्दी निकल सकता है. उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की. हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध अभी भी जारी है और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 2026 में भी इसके मानवीय प्रभाव गंभीर बने हुए हैं.

ट्रंप ने गाजा का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके प्रशासन ने वहां का युद्ध खत्म किया और इससे हजारों लोगों की जान बची. गाजा का संघर्ष भी इस साल UN महासभा की चर्चाओं में प्रमुख मुद्दों में शामिल है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का जिक्र
ट्रंप ने अपने भाषण में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से की गई कथित तारीफ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें 3 करोड़ लोगों की जान बचाने का श्रेय दिया था. ट्रंप ने अजरबैजान और आर्मेनिया के नेताओं के बयानों का भी उल्लेख किया और हालिया कूटनीतिक प्रयासों में अपनी भूमिका का दावा किया.

वेनेजुएला और क्यूबा पर भी बोले
ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की कार्रवाई की तारीफ की. उन्होंने क्यूबा को लेकर भी कहा कि वहां की सरकार जल्द गिर सकती है. उनके इस बयान के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल UN महासभा हॉल से बाहर जाता दिखाई दिया.

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