आधुनिक हथियारों से लैस, ताकतवर नेटवर्क, खामेनेई की सबसे भरोसेमंद फौज... ईरान के IRGC के बारे में जानें

ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई के लिए यूरोपीय संघ ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन घोषित किया. जानें क्या और कैसे काम करता है ये संघ.

gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST

ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) देश की पारंपरिक सेना से अलग एक सैन्य संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद हुई थी. इसका सीधा नियंत्रण ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पास है और यह सरकार या संसद के प्रति जवाबदेह नहीं है.

IRGC के पास अपनी थलसेना, वायुसेना और नौसेना है. इसके अलावा यह बसीज मिलिशिया को भी नियंत्रित करता है, जिसका इस्तेमाल देश के भीतर विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया जाता है. अनुमान के अनुसार IRGC के पास लगभग 1.9 लाख सक्रिय जवान हैं.

Quds Force IRGC की सबसे खतरनाक शाखा
IRGC की सबसे प्रभावशाली और गुप्त इकाई है Quds Force, जो ईरान की सीमाओं के बाहर ऑपरेशन चलाती है. यही इकाई लेबनान में हिज्बुल्लाह, गाजा में हमास और इस्लामिक जिहाद, इराक की शिया मिलिशियाओं, और यमन के हूती विद्रोहियों को प्रशिक्षण, हथियार और फंडिंग देती है. सीरिया के गृहयुद्ध में भी Quds Force ने राष्ट्रपति बशर अल-असद का खुलकर सैन्य समर्थन किया था.

विरोध प्रदर्शन को दबाने में IRGC की भूमिका 
IRGC और उसकी बसिज मिलिशिया ईरान के भीतर विरोध प्रदर्शनों को कुचलने में अहम भूमिका निभाती हैं. Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में हुए प्रदर्शनों में कम से कम 6,373 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5,993 आम प्रदर्शनकारी थे. संस्था का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है.

किन देशों ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया?
IRGC को अप्रैल 2019 में अमेरिका ने आधिकारिक रूप से विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था. इसके बाद अर्जेंटीना, कनाडा, इजराइल, सऊदी अरब और बहरीन ने भी IRGC को आतंकी संगठन माना.

यूरोपीय संघ का ऐतिहासिक फैसला
29 जनवरी 2026 को 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी IRGC को औपचारिक रूप से आतंकी संगठन घोषित कर दिया. यूरोपूयन संघ की विदेश नीति की प्रमुख काया कालास ने कहा, "जो शासन अपने ही नागरिकों की हत्या करता है, वह अपने पतन की ओर बढ़ रहा है."

इजराइल के लिए IRGC क्यों है बड़ा खतरा?
IRGC पिछले कई दशकों से इजराइल के खिलाफ अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष हमलों में शामिल रहा है. लेबनान, गाजा और सीरिया में मौजूद इसके समर्थित गुट इजराइल पर रॉकेट हमले, ड्रोन हमले और साइबर अटैक करते रहे हैं.

अमेरिका और यूरोप पर खतरा
IRGC और उसकी कुद्स फोर्स ने अमेरिकी सैनिकों, राजनयिकों और नागरिकों पर कई बार हमलों की साजिश रची. यह संगठन यूरोप में फंडिंग नेटवर्क, हथियार तस्करी और आतंकी साजिशों में भी सक्रिय रहा है.

अगस्त 2025 में, IRGC के वरिष्ठ कमांडर अमीर हयात-मोक़द्दम ने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे मिसाइल सिस्टम हैं जो यूरोप और अमेरिका तक जाकर हमला कर सकते हैं, यहां तक कि वॉशिंगटन को भी निशाना बनाया जा सकता है.

 

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