चीन की सदियों पुरानी लोक परंपराओं में से एक 'विलेन हिटिंग' आज भी लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बनी हुई है. कैंटोनीज़ भाषा में इसे दा सिउ यान कहा जाता है. यह अनोखा अनुष्ठान खासतौर पर हांगकांग और चीन में प्रचलित है, जहां लोग कागज़ से बने पुतले को जूते से मारकर बैड लक और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का प्रतीकात्मक प्रयास करते हैं.
इस परंपरा में भाग लेने वाले लोग अपने जीवन में परेशानी पैदा करने वाले व्यक्ति को एक 'विलेन' के रूप में कल्पना करते हैं, चाहे वह कोई परेशान करने वाला सहकर्मी हो, पुराना रिश्ता, या फिर कोई ऐसा व्यक्ति जिसे वे अपने दुर्भाग्य का कारण मानते हों.
उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाला एक कागज़ी पुतला बनाया जाता है, जिसे बाद में अनुष्ठान करने वाला पारंपरिक मंत्रों के साथ जूते से पीटता है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य बुरी शक्तियों को भगाना और मन की भड़ास को शांत करना होता है. अंत में उस पुतले को जला दिया जाता है, जो समस्याओं और नकारात्मक प्रभावों के नाश का प्रतीक माना जाता है.
जिंगझे का खास महत्व और व्हाइट टाइगर की आस्था
यह अनुष्ठान विशेष रूप से जिंगझे के समय लोकप्रिय होता है, जो पारंपरिक चीनी पंचांग के 24 सौर कालों में से एक है और आमतौर पर मार्च की शुरुआत में आता है. 'कीड़ों के जागरण' के नाम से जाना जाने वाला यह समय कीटों, बुरी आत्माओं और नकारात्मक प्रभावों को दूर भगाने से जुड़ा माना जाता है. इसी दिन कई श्रद्धालु व्हाइट टाइगर को भी भेंट चढ़ाते हैं, जिसे दुर्भाग्य से रक्षा करने वाला प्रतीकात्मक संरक्षक माना जाता है.
कैनाल रोड फ्लाईओवर, आस्था और संस्कृति का संगम
हांगकांग में यह परंपरा खास तौर पर कॉज़वे बे के कैनाल रोड फ्लाईओवर के नीचे देखने को मिलती है. यहां पेशेवर अनुष्ठानकर्ता नियमित रूप से यह क्रिया करते हैं. समय के साथ यह स्थान न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बन गया है, बल्कि स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने के इच्छुक पर्यटकों के लिए भी एक अनोखा आकर्षण बन चुका है. आज के आधुनिक दौर में भी 'विलेन हिटिंग' यह दिखाती है कि कैसे परंपरा, आस्था और मानवीय भावनाएं एक साथ मिलकर लोगों को मानसिक सुकून देने का माध्यम बन सकती हैं.