अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां व्हाइट हाउस के पास अचानक कई गोलियां चलने से अफरा-तफरी मच गई. उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं और पूरे इलाके को घेर लिया गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हमलावर जवानों की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया. घायल होने के बाद आरोपी को अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई.
काश पटेल ने सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी देते हुए कहा कि जांच जारी है. उन्होंने कहा कि FBI की टीम सीक्रेट सर्विस टीम की मदद कर रही है. उन्होंने आगे लिखा, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और परतें खुलेगी, वह जनता को अपडेट करते रहेंगे.
आखिर क्या हुआ व्हाइट हाउस के बाहर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना शाम 6 बजे की है. बताया गया कि व्हाइट हाउस के पास 17th Street और Pennsylvania Avenue के नजदीक एक सुरक्षा चेकपॉइंट पर एक व्यक्ति पहुंचा. इसी दौरान उसने अपने बैग से हथियार निकाला और अचानक फायरिंग शुरू कर दी. दावा किया गया कि उस व्यक्ति ने करीब 25 गोलियां चलाई, हलांकि किसी सुरक्षा कर्मी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. मौके पर तैनात अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और घटना को नियंत्रण में लिया.
हमलावर की पहचान
व्हाइट हाउस पर हमला करने वाले व्यक्ति का नाम नेसिर बेस्ट है. नेसिर न्यू यॉर्क पोस्ट के मुताबिक, ये व्यक्ति खुद को यीशु मसीह समझता है और उसकी उम्र 21 साल थी. नेसिर ने चेकपॉइंट पर मुख्य रूप से गोलीबारी की, जिसके बाद सीक्रेट सर्विस ने उसके इरादे को नाकाम कर दिया और स्थिति पर नियंत्रण पाया.
जवाबी फायरिंग में हमलावर की मौत
फायरिंग शुरू होते ही सीक्रेट सर्विस अधिकारियों ने संदिग्ध पर जवाबी गोलीबारी की, जिसमें वह घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, घटना में सीक्रेट सर्विस के किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई. हालांकि इस घटना में एक आम नागरिक भी घायल हुआ है. लेकिन अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि उस व्यक्ति को गोली संदिग्ध की तरफ से लगी या जवाबी फायरिंग के दौरान. सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और घायल व्यक्ति का इलाज जारी है.
ट्रंप थे व्हाइट हाउस के अंदर
घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस परिसर के अंदर ही मौजूद थे. गोलीबारी की खबर मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई. कुछ समय के लिए इलाके में सुरक्षा लॉकडाउन जैसा माहौल बना रहा, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया कि ट्रंप को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा और वह सुरक्षित हैं. फायरिंग की आवाज सुनते ही वहां मौजूद कई पत्रकार और कर्मचारी घबरा गए. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोली चलने की आवाज लगातार सुनाई दी, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में डर का माहौल बन गया.
जांच में जुटीं एजेंसियां
फिलहाल अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर का मकसद क्या था और उसने फायरिंग क्यों की. अधिकारियों की ओर से संदिग्ध की पहचान और घटना के पीछे की वजह को लेकर जांच जारी है.
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