scorecardresearch

Astro Tips: आंखों के रोग का ज्योतिष और ग्रहों से क्या है संबंध? जानें Eye Disease को दूर करने के उपाय 

आंखों का ज्योतिष में दो ग्रहों से सीधा संबंध माना जाता है. इसका संबंध सूर्य और चंद्रमा से होता है. इसके अलावा कहीं-कहीं पर शुक्र को भी नेत्रों से संबंधित माना जाता है.

symbolic photo symbolic photo

आंखें मानव जीवन की सबसे अमूल्य निधि हैं. यह व्यक्ति को दुनिया और लोगों से परिचित करवाती हैं. आंखों का ज्योतिष में दो ग्रहों से सीधा संबंध माना जाता है. इसका संबंध सूर्य और चंद्रमा से होता है. इसके अलावा कहीं-कहीं पर शुक्र को भी नेत्रों से संबंधित माना जाता है. कुंडली का दूसरा और बारहवां भाव आंखों का होता है. इसमें भी दूसरा भाव, आंखों को ज्यादा गहराई से प्रभावित करता है. दूसरा भाव और सूर्य, दाहिनी आंख से संबंध रखते हैं. बारहवां भाव और चंद्रमा बाईं आंख से संबंध रखते हैं. 

कब व्यक्ति को आंखों की हो जाती है समस्या
1.
दूसरे या द्वादश भाव में पाप ग्रहों के होने पर. 
2. सूर्य या चंद्रमा के कमजोर होने पर. 
3. शुक्र और सूर्य का संबंध बनने पर. 
4. शुक्र यदि ज्यादा कमजोर हो तो कम उम्र से ही चश्मा लग जाता है. 
5. सूर्य यदि खराब हो तो ग्लूकोमा होने की संभावना रहती है.
6. शुक्र अगर खराब हो तो एक आंख की रोशनी चली जाती है.
7. कभी-कभी शनि मंगल के सम्बन्ध से दुर्घटना में आंखें चली जाती हैं. 
8. आंखों से मंगल का संबंध आंखों की सर्जरी जरूर करवाता है. 

आंखें कमजोर हों तो क्या करें 
1.
नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. 
2. कच्चे गाजर और सलाद का सेवन करें. 
3. सलाह लेकर एक माणिक्य धारण करें. 
4. नियमित रूप से त्राटक का अभ्यास करें. 
5. खाली पेट बिलकुल न रहें. 
6. दांतों को नाखून से न काटें. 

करें ये उपाय 
आंखों को सही रखने के लिए हर दिन सूर्य भगवान को अर्घ्य देना चाहिए. इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल भर दे सकते हैं. इसके साथ हृदय स्रोत का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. चांदी के आभूषण पहनने से भी लाभ मिलता है. हो सके तो चांदी की चीजें दान कर सकते हैं. रोजाना भगवान शिव की पूजा करें. इसके साथ ही शिवलिंग का जलाभिषेक करें.