Cancer disease is related to which planet
Cancer disease is related to which planet
कैंसर की बीमारी संस्कार और नकारात्मक तरंगों से जुड़ी हुई है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया किआम तौर पर इस बीमारी से बृहस्पति का संबंध होता है. कभी-कभी इसमें राहु और चंद्रमा भी भूमिका निभाते हैं. शनि और चन्द्र का संबंध भी कैंसर दे सकता है. कर्क, वृश्चिक और मीन राशि में कैंसर की समस्याएं ज्यादा होती हैं. मूलांक 02, 04, 07 और 08 में कैंसर के संयोग ज्यादा होते हैं.
किन-किन दशाओं में किस किस तरह का हो सकता है कैंसर
मारक दशाओं में कैंसर की संभावनाएं ज्यादा होती हैं. इन दशाओं को बृहस्पति, राहु या केतु का साथ मिल जाय तो कैंसर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. जिस भाव में ये ग्रह होते हैं, उससे संबंधित अंग में कैंसर के योग बन जाते हैं. सुरक्षा के ग्रह मजबूत हों तो व्यक्ति बच जाता है. मारक ग्रह मजबूत हों तो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है. कभी-कभी बृहस्पति कैंसर देता भी है और कैंसर से रक्षा भी करता है.
कैंसर की स्थितियों से बचने के लिए क्या उपाय करें
1. कुंडली के सुरक्षात्मक ग्रह को मजबूत करें.
2. चांदी अवश्य ही धारण करें.
3. नित्य प्रातः हल्दी मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करें.
4. नमः शिवाय, ॐ हौं जूं सः और चंद्रशेखराष्टक का पाठ प्रातः और शाम जप करें.
5. कुंडली के लग्न के स्वामी को मजबूत करें.
6. घर के प्रकाश और वायु वाले स्थान पर रहें.
7. पुखराज बिल्कुल धारण न करें.
8. नियमित रूप से रुद्राभिषेक करवाते रहें.
सूर्य और इसकी बीमारियां
सूर्य ग्रहों का राजा है. हर ग्रह की शक्ति के पीछे सूर्य ही होता है. सूर्य के कारण हड्डियों की और आंखों की समस्या होती है. हृदय रोग, टीबी और पाचन तंत्र के रोग के पीछे सूर्य ही होता है.
चंद्रमा और इसकी बीमारियां
चंद्रमा व्यक्ति के मन और सोच को नियंत्रित करता है. इसके कारण व्यक्ति को मानसिक बीमारियां होती हैं. व्यक्ति को चिंताएं परेशान करती रहती हैं. नींद, घबराहट, बेचैनी की समस्या हो जाती है.
राहु और बीमारियां
यह हमेशा रहस्यमयी बीमारियां देता है. इसकी बीमारियां शुरू में छोटी पर बाद में गंभीर हो जाती हैं. इसकी बीमारियों का कारण अक्सर अज्ञात रहता है. ये खुद आती हैं और खुद ही चली जाती हैं.