scorecardresearch

Daan Ka Mahatva: अलग-अलग दान का क्या है महत्व, दान से कैसे पाया जा सकता है परेशानियों से छुटकारा? बस एक क्लिक में यहां जानिए 

Donation Rules: सनातन परंपरा और ज्योतिष के मुताबिक दान करने से जीवन के बड़े दोष दूर होते हैं, मोह-माया से मुक्ति मिलती है. अलग-अलग वस्तुओं के दान से अलग-अलग तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं लेकिन बिना सोचे-समझे गलत दान से काफी नुकसान हो सकता है. यहां आप जान सकते हैं अलग-अलग दान करने का क्या महत्व होता है?

Advertisement
Daan Ka Mahatva Daan Ka Mahatva

सनातन परंपरा में जीवन के चार अंग धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष माने गए हैं. इनमें धर्म का पालन सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि अगर धर्म ही नहीं रहा तो अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति हो ही नहीं सकती. धर्म में भी जीवन के कई भाग बताए गए हैं, जिनमें दान एक प्रमुख भाग है. दान करके धर्म का पालन भी होता है और समस्याओं का अंत भी. आयु रक्षा और स्वास्थ्य के लिए तो दान को अचूक माना जाता है. ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए भी दान करना लाभदायक होता है. अलग-अलग वस्तुओं के दान से अलग-अलग तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं. 

दान के माध्यम से हम धर्म का ठीक ठीक पालन कर पाते हैं और अपने जीवन की तमाम समस्याओं से भी निकल सकते हैं. आयु रक्षा और स्वास्थ्य के लिए तो दान को अचूक माना जाता है. जीवन की अन्य समस्याओं से निजात पाने के लिए भी दान का अति विशेष महत्व है. ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए भी दान करना लाभदायक होता है. हालांकि बिना सोचे समझे गलत दान से काफी नुकसान हो सकता है और अच्छे ग्रह भी बुरे परिणाम दे सकते हैं.

अनाज का दान 
इस दान को करने से जीवन में अन्न का अभाव नहीं होता. अनाज का दान बिना पकाए हुए करें तो ज्यादा बेहतर होगा. अगर नाम यश और उत्तम स्वस्थ्य चाहिए तो रविवार को गेंहू का दान करें. अगर मानसिक समस्याओं से निजात चाहिए तो सोमवार को चावल का दान करें. अगर रक्त या मुक़दमे से परेशान हैं तो मंगलवार को जौ का दान करें. विद्या बुद्धि की समस्या से मुक्ति के लिए हरी मूंग का दान करें. गंभीर रोगों से बचने के लिए चने की दाल का दान करें. दुर्घटनाओं से रक्षा और रोजगार में सफलता के लिए काले तिल का दान करें. 

धातुओं का दान
धातुओं का दान विशेष दशाओं में ही करें. यह दान उसी व्यक्ति को करें जो दान की गई चीज का प्रयोग करे. सोने का दान करने से राज्य पद की प्राप्ति होती है. चांदी का दान करने से रोगों से रक्षा होती है. तांबे का दान करने से मुकदमे में विजय मिलती है और कर्ज से राहत मिलती है. लोहे का दान करने से नौकरी की बाधाएं दूर हो जाती हैं. पीतल का दान करने से पेट के रोग दूर होते हैं. अलुमिनियम या स्टील के बर्तन दान करने से उतार-चढ़ाव से मुक्ति मिलती है. 

वस्त्रों का दान 
वस्त्रों का दान करने से आर्थिक स्थिति हमेशा उत्तम रहती है. अगर पैतृक धन प्राप्त करना चाहते हैं तो मोटे वस्त्र दान करें. अगर बीमारियों में धन जा रहा है तो नए चमकदार वस्त्र दान करें. अगर आर्थिक उतार चढ़ाव होता हो तो सुन्दर और टिकाऊ वस्त्र दान करें. 

अन्य वस्तुओं का दान 
अन्न वस्त्र और धातुओं के अलावा बहुत सारी चीजों का दान भी होता है. इसमें सेवा, विद्या और शरीर की चीजों का दान भी शामिल है. किसी व्यक्ति की सेवा करने से या औषधियों का दान करने से स्वास्थ्य का वरदान मिलता है. विद्या का दान करने से संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. शरीर के अंग का दान करने से कोई भी मनोकामना पूरी हो सकती है. रक्तदान करने से हर प्रकार की दुर्घटना और शल्य चिकित्सा से रक्षा होती है. 

दान की सावधानियां और नियम
दान कभी भी किसी दबाव में नहीं देना चाहिए. दान कभी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए जो कुपात्र हो. जो भी वस्तुएं दान में दी जाएं, वह उत्तम कोटि की होनी चाहिए. आपकी कुंडली में जो ग्रह महत्वपूर्ण हों उनका दान कभी न करें. दान देते समय मन में हमेशा ये भाव लेना चाहिए कि यह वस्तु या सेवा ईश्वर की दी हुई है और ये सेवा या दान मैं ईश्वर को ही कर रहा हूं. प्रदर्शन वाला दान करना नुकसानदायक होता है. इसके अलावा अपनी कुंडली के शुभ ग्रहों का दान करना भी नुकसानदायक होता है.