Relation of Planets with High Position
Relation of Planets with High Position
किसी भी व्यक्ति के जीवन को बहुत सारे ग्रह प्रभावित करते हैं. जब कोई मजबूत ग्रह किस व्यक्ति पर कृपा कर देता है तो उस व्यक्ति को उच्च पद मिल जाता है. हर ग्रह अपने क्षेत्र में व्यक्ति को उच्च पद दे सकता है लेकिन इसके लिए ग्रह भी मजबूत होना चाहिए और उसकी दशा भी आनी चाहिए. वैसे उच्च पद देने में सबसे बड़ी भूमिका सूर्य और चंद्र की होती है.
सूर्य और चंद्रमा किस तरह से करते हैं उच्च पद प्रदान
सूर्य उच्च पद देने वाला सबसे बड़ा ग्रह है. आम तौर पर यह पारिवारिक विरासत के कारण उच्च पद देता है. व्यक्ति को शासन और राजनीति में उच्च पद प्राप्त हो जाता है. यहां योग्यता का होना जरूरी नहीं होता. चंद्र भी उच्च पद प्रदान करने में बड़ी भूमिका निभाता है. यह विरासत से खास तौर से स्त्री पक्ष से उच्च पद देता है. इसके कारण व्यक्ति को जनता का समर्थन मिल जाता है.
मंगल, बुध और बृहस्पति किस तरह से उच्च पद करते हैं प्रदान
मंगल सेना और साहस के क्षेत्र में उच्च पद देता है. यह बहुत मेहनत के बाद ही उच्च पद देता है. यहां उच्च पद काफी समय के बाद मिलता है. बुध आमतौर पर कॉर्पोरेट या फाइनेंस के क्षेत्र में उच्च पद देता है. यहां पर कुछ भाग्य काम करता है और कुछ मेहनत. यहां पर उच्च पद में अक्सर उतार-चढ़ाव बना रहता है. बृहस्पति अकेला ही किसी व्यक्ति को उच्च पद पर पहुंचा सकता है. न्याय, शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में खूब सफलता मिलती है. ऐसे लोग कुछ ऐसा काम करते हैं जो लम्बे समय तक याद किया जाता है.
शुक्र, शनि, राहु-केतु किस तरह से उच्च पद करते हैं प्रदान
शुक्र आम तौर पर उच्च पद तो नहीं देता लेकिन वैभव और सम्पन्नता खूब देता है. शुक्र के कारण उच्च पद वालों से इनका खूब संपर्क रहता है. शनि भी उच्च पद के लिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं होता. यह व्यक्ति को सेवा भाव और मजदूर वर्ग से जोड़ देता है. कभी-कभी व्यक्ति बहुत छोटे स्तर से ऊंचाई पर पहुंच जाता है. यहां पर जीवन के अंतिम दशक में ही सफलता मिल पाती है. राहु और केतु आकस्मिक रूप से व्यक्ति को ऊंचाई पर पहुंचा देते हैं. यह राजनीति और ग्लैमर की दुनिया में खूब सफलता देते हैं लेकिन इनके द्वारा मिली हुई ऊंचाई ज्यादा दिन तक नहीं रहती.
जीवन में उच्च पद प्राप्त करने के लिए क्या करें
नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें. आदित्य ह्रदय स्रोत का पाठ करें. माता-पिता के चरण जरूर स्पर्श करें. गाय को चारा खिलाएं और गाय की सेवा करें. सप्ताह में एक बार धर्मस्थान पर जरूर जाएं. सलाह लेकर एक पुखराज या माणिक्य धारण करें.