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हस्तरेखा शास्त्र में मंगल पर्वत का खास महत्व माना जाता है. इसके आधार पर व्यक्ति के साहस, हिम्मत, गुस्से और मुश्किल समय का सामना करने की क्षमता के बारे में बताया जाता है. हस्तरेखा में मंगल को दो भागों में बांटा गया है. इन्हें आक्रामक मंगल और रक्षात्मक मंगल कहा जाता है. चलिए बताते हैं कि हाथ में मंगल पर्वत कहां होता है और इससे जुड़े कौन से संकेत बताए जाते हैं.
ज्योतिष में मंगल को उसकी स्थिति और ताकत के आधार पर देखा जाता है. वहीं, हस्तरेखा शास्त्र में मंगल के दो रूप माने जाते हैं. पहला आक्रामक मंगल है, जो जीवन रेखा और अंगूठे के बीच के हिस्से में होता है. दूसरा रक्षात्मक मंगल है, जो बुध पर्वत और चंद्र पर्वत के बीच पाया जाता है. इन दोनों स्थानों को देखकर व्यक्ति के स्वभाव और जीवन से जुड़ी कई बातें बताने की कोशिश की जाती है.
आक्रामक मंगल से जुड़े संकेत
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर आक्रामक मंगल का स्थान उभरा हुआ और गुलाबी हो, तो व्यक्ति को साहसी माना जाता है. इस जगह पर तारा होने को दुर्घटना का संकेत माना जाता है. वहीं, क्रॉस का निशान आग, चोट या हमले से जुड़ी परेशानी की ओर इशारा करता है.
अगर इस स्थान पर वर्ग का निशान हो, तो इसे दुर्घटना और हिंसा से बचाव का संकेत माना जाता है. यहां से जीवन रेखा के समानांतर कोई रेखा चलती हो, तो इसे संकट से सुरक्षा से जोड़कर देखा जाता है. इसके अलावा, इस स्थान से निकलकर जीवन रेखा को छूने वाली रेखा को कुछ मान्यताओं में संपत्ति से लाभ का संकेत माना जाता है.
रक्षात्मक मंगल से क्या पता चलता है?
रक्षात्मक मंगल भी हस्तरेखा में अहम माना जाता है. मान्यता है कि इस स्थान पर क्रॉस या दाग-धब्बे होने पर व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है. यहां सफेद रंग का निशान दिखने को रक्त से जुड़ी समस्या का संकेत माना जाता है.
वहीं, इस स्थान पर वर्ग का निशान होना शत्रुओं से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. अगर रक्षात्मक मंगल का स्थान अधिक उभरा हुआ हो, तो इसे बड़ी जमीन या संपत्ति मिलने से जोड़कर देखा जाता है.
हाथ में मंगल दोष के संकेत
कुछ हस्तरेखा मान्यताओं के अनुसार, आक्रामक मंगल पर तारा होना मंगल दोष का संकेत हो सकता है. हथेली का रंग बहुत लाल होना और मंगल की रेखा का लंबा व गहरा होना भी इससे जोड़ा जाता है. हालांकि, इन संकेतों से मंगल दोष की पुष्टि नहीं होती.
मंगल को मजबूत करने के उपाय
हस्तरेखा से जुड़ी मान्यताओं में मंगल को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. आक्रामक मंगल कमजोर होने पर लाल मूंगा, रक्षात्मक मंगल कमजोर होने पर सफेद मूंगा और दोनों को मजबूत करने के लिए नारंगी मूंगा पहनने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा, तांबे के गिलास में पानी पीना, लाल कलावा या रक्षा सूत्र पहनना और बड़ों के चरणों को दोनों हाथों से छूकर आशीर्वाद लेना भी पारंपरिक उपाय माने जाते हैं.