Vehicle Astrology
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कुंडली का चतुर्थ भाव किसी भी तरह के सुख से संबंध रखता है. यही भाव वाहन और भवन का सुख भी देता है. ज्योतिषी शैलेंद्र पाण्डेय ने बताया कि शुक्र वाहन से संबंध रखने वाला प्रमुख ग्रह है. शुक्र की अच्छी स्थिति अच्छा वाहन भी देती है और वाहन सुख भी. कुछ मामलों में शनि का संबंध भी वाहन से माना जाता है. वाहन सुख पाने के लिए और उसको ठीक रखने के लिए कुछ बातों पर विचार करना जरूरी है. वाहन खरीदने से पहले अपनी कुंडली आपको जरूर दिखानी चाहिए. इससे आप जान सकते हैं कि वाहन आपके लिए लकी साबित होगा या नहीं.
वाहन का रंग कितना महत्वपूर्ण?
वाहन का रंग उसकी समस्त ऊर्जा को प्रभावित कर देता है. अगर उसका रंग आपके लिए अनुकूल है तो वाहन में आप अच्छा महसूस करेंगे. अन्यथा आपको वाहन में चिंता और घबराहट होगी. अपने अनुकूल ग्रहों के ही अनुसार वाहन का रंग चुनें. सामान्यतः सफेद रंग का वाहन सबके लिए अनुकूल होता है लेकिन काले रंग का वाहन अधिकतर लोगों के लिए अनुकूल नहीं होता.
वाहन का नंबर कितना महत्वपूर्ण?
वाहन का नंबर वाहन को सुरक्षित रखने और सही काम करने में सहायता करता है. वाहन के अंतिम चार अंकों का योग ही आपका मुख्य नंबर होता है. यह मुख्य नम्बर वाहन के स्वामी के अंक से मेल खाना चाहिए. सामान्यतः वाहन का मुख्य अंक आठ रखने से बचना चाहिए. छह का अंक वाहन का मुख्य अंक हो तो काफी अच्छा होता है. चार का अंक भी अगर वाहन का मुख्य अंक हो तो उसका मेल देख लेना चाहिए.
वाहन रखने पर किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?
वाहन को यथाशक्ति साफ सुथरा रखना चाहिए. वाहन में सामने किसी देवी-देवता का चित्र या प्रतीक लगाना चाहिए. वाहन में सामान्यतः खाना खाने से बचें. अगर खाना खाते हैं तो, खाना खाने के बाद उसकी अच्छी तरह से सफाई करें. वाहन में नशा करने से सख्त परहेज करें. वाहन चलाने के पहले ईश्वर या गुरु का स्मरण जरूर करें. एक लाल कपड़े में तीन या पांच छुहारा बांधकर वाहन के डैशबोर्ड में रखें.