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Astrology: क्या हैं सूर्य की अशुभ स्थितियां, इनका हमारे जीवन पर कैसे पड़ता है प्रभाव? जानें इन्हें ठीक करने के उपाय 

सूर्य को ज्योतिष में व्यक्ति की आत्मा माना जाता है. इसका खराब होना सारे जीवन को अस्त-व्यस्त कर देता है. सूर्य के मजबूत होने पर जीवन में वैभव और समृद्धि मिलती है. कमजोर होने पर दरिद्रता और खराब स्वास्थ्य का सामना करना पड़ता है.

Surya Dev  Surya Dev 

सूर्य को ज्योतिष में व्यक्ति की आत्मा माना जाता है. इसका खराब होना सारे जीवन को अस्त-व्यस्त कर देता है. सूर्य का पिता, राज्य, राजकीय सेवा, मान-सम्मान, वैभव से इसका सम्बन्ध होता है. शरीर में पाचन तंत्र, आंखें और हड्डियां सूर्य से ही सम्बंधित होती हैं. इसके मजबूत होने पर जीवन में वैभव और समृद्धि मिलती है. कमजोर होने पर दरिद्रता और खराब स्वास्थ्य का सामना करना पड़ता है. सूर्य की अशुभ स्थितियों का अगर उपाय न किया जाय तो जीवन की हर एक चीज अस्त-व्यस्त हो जाती है. 

सूर्य की पहली अशुभ स्थिति नीच का सूर्य
सूर्य अगर तुला राशि में हो तो काफी कमजोर हो जाता है. यहां पर सूर्य की स्थिति नीच की मानी जाती है. ऐसा सूर्य होने पर स्वास्थ्य की तमाम समस्याएं परेशान करती हैं. आंखों, हड्डियों और सर दर्द की काफी समस्या होती है. कभी कभी पाचन तंत्र भी कमजोर होता जाता है. ऐसी दशा में सूर्य को जल अर्पित करें. साथ ही नित्य प्रातः सूर्य मन्त्र का जप करें.

सूर्य की दूसरी अशुभ स्थिति ग्रहण योग
सूर्य और राहु के संयोग से ग्रहण योग बनता है. यह योग सूर्य के शुभ प्रभावों को रोक देता है. इस योग के होने पर व्यक्ति को अपयश का सामना करना पड़ता है. व्यक्ति को जीवन में वहम की समस्या परेशान करती है. कभी-कभी कोई विचित्र तरह का रोग भी हो जाता है. इस योग के होने पर सूर्य को नित्य प्रातः जल अर्पित करें. नियमित रूप से राहु के मन्त्र का जप करें. साथ ही सोने के लिए लकड़ी के पलंग का प्रयोग करें. 

सूर्य का तीसरी अशुभ स्थिति सूर्य-शनि का संबंध 
सूर्य पर पाप ग्रहों का प्रभाव होने से सूर्य दूषित हो जाता है. सूर्य को सबसे ज्यादा दूषित शनि करता है. सूर्य शनि का सम्बन्ध होने से विष योग जैसी स्थिति बन जाती है. इस योग के होने पर पिता-पुत्र के सम्बन्ध खराब हो जाते हैं. कभी- कभी वैवाहिक जीवन में भी समस्या आ जाती है. इसके कारण स्नायु तन्त्र की समस्या भी हो सकती है. इस योग के होने पर जल में तिल डालकर सूर्य को जल अर्पित करें. इस योग के होने पर रविवार का उपवास जरूर रखें. इसके साथ ही एक लाल रंग का रुमाल भी अपने पास रखें. 

क्या होता है जब सूर्य शुभ हो
जब किसी इंसान का सूर्य शुभ होता है तो व्यक्ति का चेहरा तेजस्वी होता है. वह व्यक्ति नेतृत्वकर्ता होता है, और समस्याओं को सुलझाने में आगे रहता है. ऐसे लोगों को नाम और यश बहुत आसानी से मिलता है. ये लोग अपने क्षेत्रों में अगुवा होते हैं. इन लोगों को लकड़ी की वस्तुओं का काफी शौक होता है. लेकिन सूर्य के शुभ होने की स्थिति में ये लोग कभी-कभी बहुत अहंकारी भी हो जाते हैं.