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Shani Sade Sati Upay: क्या है शनि देव की साढ़ेसाती, होती है बेहद कष्टकारी, ऐसे कम कर सकते हैं इसका प्रभाव

Shani Dev: शनि देव इंसान के अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से दंड देते हैं. शनि देव एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. शनि देव जब किसी व्यक्ति की जन्म राशि से 12वें भाव में जाते हैं तब साढ़ेसाती शुरू हो जाती है. शनि देव जब लगातार एक राशि को साढ़े सात साल तक प्रभावित करते हैं तो इसको साढ़ेसाती कहा जाता है.

Shani Dev Shani Dev

शनि देव एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. शनि देव जब किसी व्यक्ति की जन्म राशि से 12वें भाव में जाते हैं तब साढ़ेसाती शुरू हो जाती है. शनि देव जब जन्म राशि से दूसरे भाव (गोचर में) से आगे निकल जाते हैं तो साढ़ेसाती समाप्त हो जाती है. शनि देव जब लगातार एक राशि को साढ़े सात साल तक प्रभावित करते हैं तो इसको साढ़ेसाती कहा जाता है.

क्या होता है साढ़ेसाती के पहले चरण का सामान्य प्रभाव
साढ़ेसाती का पहला चरण सामान्यतः नकारात्मक नहीं होता. इसमें स्थान परिवर्तन की सम्भावना बनती है. इसमें धन का खर्च थोड़ा बढ़ जाता है. सिर दर्द और आंखों की समस्या हो सकती है. यहां से माता-पिता की आयु के लिए थोड़ा संकट शुरू हो सकता है. पहले चरण में हनुमान जी की पूजा विशेष लाभकारी होती है. 

साढ़ेसाती के दूसरे चरण प्रभाव 
साढ़ेसाती का दूसरा चरण सामान्यतः थोड़ा संघर्ष बढ़ा देता है. इसका प्रभाव करियर पर अवश्य पड़ता है. इसमें करियर के निर्णयों और बदलाव में सावधानी रखनी चाहिए. इसमें वैवाहिक जीवन का भी ध्यान रखना चाहिए. इस चरण में मेहनत करने पर ही लाभ होता है. दूसरे चरण में दान करने और सात्विकता रखने से लाभ होता है. 

साढ़ेसाती के तीसरे चरण का प्रभाव 
साढ़ेसाती का अंतिम यानी तीसरा चरण सामान्यतः सबसे कठोर होता है. यह स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को उलट-पलट देता है. इस समय जीवन में बड़े परिवर्तन अवश्य होते हैं. इसमें सावधानी की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है. इस चरण में हर तरह की सावधानी रखनी चाहिए. यह चरण माता-पिता की आयु तथा स्वास्थ्य के लिए कठिन होता है. अंतिम चरण में शनि देव की उपासना और सात्विकता से लाभ होता है. 

करें ये उपाय 
शनि की साढ़ेसाती या ढैया के कारण काम बिगड़ रहे हों. किसी भी काम में सफलता नहीं मिल पा रही हो तो शनि जयंती की शाम को शनि मंत्र का जाप करें. ॐ शं शनैश्चराय नमः की 11 माला का जाप करें. इस दिन किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन कराएं. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल के 9 दीपक जलाएं. दीपक जलाने के बाद पीपल की 9 परिक्रमा करें. शनिदेव से प्रार्थना करें. 

शनि देव हैं दंडाधिकारी
नवग्रहों में शनि देव का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे लोग भी भयभीत हो जाते हैं. लेकिन शनि देव हर किसी के लिए बुरे नहीं होते. वे न्यायाधीश हैं. इंसान के अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से उन्हें दंड देते हैं. शनि देव बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं. शनि देव चोरी, लूट, अनैतिक कार्यों से धन कमाने वालों को दंड देते हैं. शनि देव महिलाओं का सम्मान ना करने वालों को दंड देते हैं. शनि देव अपने माता-पिता को दुखी करने वालों को दंड देते हैं. धर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति, परिश्रम और ईमानदारी से धन अर्जित करने वालों को शनि देव कभी कष्ट नहीं देते.