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Astrology: निर्णय लेने की क्षमता का ग्रहों से और ज्योतिष से क्या है संबंध, यहां जानिए 

ज्योतिष में निर्णय लेने की क्षमता का सीधा संबंध कुंडली के पंचम, नवम और एकादश भाव के साथ-साथ चन्द्रमा, बुध और गुरु जैसे प्रमुख ग्रहों से होता है. अलग-अलग ग्रह निर्णय क्षमता पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं. 

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निर्णय लेने की क्षमता का ग्रहों से संबंध. निर्णय लेने की क्षमता का ग्रहों से संबंध.

ज्योतिष में निर्णय लेने की क्षमता पंचम, नवम तथा एकादश भाव से देखी जाती है. अलग-अलग तत्वों से अलग-अलग तरह की निर्णय लेने की स्थितियां बन जाती हैं. इसी प्रकार अलग-अलग ग्रह निर्णय क्षमता पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं. चन्द्रमा मन का कारक होता है, अतः निर्णय क्षमता में इसकी विशेष भूमिका होती है. हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठा निर्णय क्षमता को दर्शाता है.  ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि जीवन में सफलता केवल सोचने से नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने की क्षमता से मिलती है. उन्होंने समझाया कि निर्णय लेने की क्षमता का आपके ग्रहों से गहरा संबंध है. शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, चंद्रमा प्रधान लोग भावनाओं में बहकर फैसले लेते हैं, जबकि शनि प्रधान लोग सोच-समझकर बेहतरीन निर्णय लेते हैं.

कौन से ग्रह निर्णय क्षमता को कैसे करते हैं प्रभावित 
सूर्य वाले लोग तुरंत निर्णय लेते हैं, परिणाम ठीक ही रहता है. चन्द्रमा वाले लोगों का निर्णय आमतौर पर भावनाओं से चलता है. मंगल प्रधान लोग जोश में निर्णय लेते हैं. बुध प्रधान लोग अक्सर निर्णय लेने में दुविधा के शिकार हो जाते हैं. बृहस्पति और शुक्र प्रधान लोग अक्सर संतुलित निर्णय ले लेते हैं. शनि प्रधान लोग सोच समझकर और बेहतरीन निर्णय लेते हैं. 

निर्णय क्षमता मजबूत करने के सरल उपाय 
प्रातः काल नवोदित सूर्य को जल जरूर अर्पित करें. महिलायें जल में हल्दी डाल लें और पुरुष रोली मिला लें. महीने में दो एकादशी या एक पूर्णिमा का जलीय उपवास रखें. भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का जाप करें या भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें. शनिवार को प्रकाश का दान करें. पीला पुखराज या हीरा धारण करने से भी निर्णय क्षमता मजबूत होती है.