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बिजनेस

भारत में Uber में काम करने वाली 11 महिलाओं के अनुभव के बारे में जानिए

सुरभि एआर
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भारत में उबर में काम करने वाली महिलाओं से अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने बताया कि क्यों इस कंपनी में आईं और क्यों अभी भी काम कर रही हैं. सुरभि एआर उबर ईट्स की सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर हैं. उन्होंने बताया कि वो 6 साल से उबर का हिस्सा हैं. लेकिन बात जब यहां रुकने की होती है तो मैं कहती हूं कि उबर में मैंने कभी निराशा महसूस नहीं किया. उन्होंने बताया कि मेरी टीम कस्टमर्स के लिए अनुभव को सहज बनाने पर फोकस करती है. उन्होंने कहा कि मैं जो भी करती हूं, वो जुनून के साथ करती हूं. उबर के साथ आने वाली समस्याओं को हल करने का काम करती हूं. मैं अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के साथ काम करती हूं और उनसे सीखती हूं और मुझे इसपर गर्व है. सुरभि ने भारत में कम्युनिटी ऑपरेशंस मैनेजर से सीनियर प्रोडेक्ट मैनेजर तक का सफर तय किया.

श्रावणी जैन
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श्रावणी जैन उबर फॉर बिजनेस की लीड प्रोडेक्ट मैनेजर हैं. उन्होंने साल 2017 में उबर ज्वाइन किया था. उनका कहना है कि ये सफर काफी रोमांचक रही हैं. मेरे पास व्यक्तिगत और व्यावयासिक जीवन को संतुलित करने की सुविधा है. उन्होंने बताया कि मैंने कई सालों तक विचार करने के बाद उबर में काम करना शुरू किया. मैंने सबसे पहले भारत और दक्षिण एशिया में कस्टमर एक्सपिरियंस टीम की स्थापना करना था. श्रावणी ने साल 2021 में मैटरनिटी लीव भी लिया था.

मेघा येथडका
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मेघा येथडका ग्लोबल स्केल्ड सॉल्यूशंस की सीनियर डायरेक्टर हैं. उन्होंने 7 साल पहले मैप प्रोडक्शन टीम शुरू करने के लिए उबर ज्वाइन किया था. उनका कहना है कि मुझे वास्तविक दुनिया में कुछ कर दिखाने का मौका मिला.

शुचिता गुप्ता
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शुचिता गुप्ता उबर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. उनका कहना है कि उबर ने उनके जीवन को कई तरीकों से प्रभावित किया. यहां मुझे शानदार प्रतिभाओं के साथ काम करने और सीखने का मौका मिला. उनका कहना है कि एक कस्टर से लेकर इसे बनाने वाले ईको-सिस्टम का हिस्सा बनने तक का सफर अविश्वनीय रहा है. शुचिता 4 साल पहले कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद कंपनी में आई थी.

झांसी पटनाला
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झांसी पटनाला कोर सर्विसेज की इंजीनियरिंग कोर की मैनेजर हैं. उनका कहना है कि वो एक साल पहले ही उबर में शामिल हुई हैं. मुझे वर्क कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चिंता थी. लेकिन उबर की संस्कृति, टीम लीडर से समर्थन और आग बढ़ने का मौका मिला, जो मेरी अपेक्षा से कहीं बेहतर है.

योगिता हब्बू
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योगिता हब्बू कस्टमर ऑब्सेशन प्लेटफॉर्म की सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. उनका कहना है कि 9 साल के ब्रेक के बाद साल 2022 में उबर के साथ काम करना शुरू किया. उबर ने मुझे एक समान मौका दिया. वापसी की सबसे अच्छी बात ये है कि ये कोई इंटर्नशिप नहीं है, बल्कि ये रोजगार का अवसर है.

 अखिला रेड्डी
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कोर सर्विसेज की एसोसिएट प्रोग्राम मैनेजर अखिला रेड्डी का कहना है कि ब्रेक के बाद काम पर लौटना चुनौतीपूर्ण होता है. जब मैंने उबर के लिए आवेदन किया तो मुझे भी ऐसा ही लगा, लेकिन कंपनी ने वास्तविक असर डालने के लिए काम करने का मौका दिया. उनका कहना है कि एक मां के तौर पर जिम्मेदारियों को निभाते हुए आगे बढ़ने का मौका मिला.

चारू जैन
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उबर में इंजीनियरिंग मैनेंजर चारू जैन ने बताया कि उन्होंने 5 साल पहले उबर ज्वाइन की थी.चारू ने कहा कि कंपनी के 20 गुना प्रभाव बढ़ने के बाद भी ग्लोबल लेबल पर सोचने और लोकल लेवल पर काम करने का हमारी फिलॉसफी अभी भी बदली नहीं है. उबर में हम लोग दुनिया के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों के साथ कम करते हैं. 

दिव्या राय
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डेवलपर प्लेटफॉर्म की इंजीनियरिंग मैनेजर दिव्या राय दो साल पहले उबर ज्वाइन की थी. उनको कोरोना काल में डेवलपर प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी को बढ़ाने के लिए नई टीमों के गठन के लिए लाया गया था. उनका कहना है कि इस दौरान जितना उन्होंने उबर को दिया है, उससे कहीं ज्यादा उन्होंने सीखा है.

आशा मेधी
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डेटा प्लेटफॉर्म की इंजीनियरिंग मैनेजर आशा मेधी का कहना है कि मुझे पिछले कुछ सालों में अलग-अलग संगठनों में बिजनेस समस्याओं को सुलझाने का मौका मिला है. मैं उबर के काम करने के माहौल से प्रभावित हूं, जो समस्याओं के जल्द और लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन के लिए सक्षम बनाता है. उनका कहना है कि उबर में मुझे तेजी से सीखने का मौका मिला.