8th Pay Commission
8th Pay Commission
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी 7वें वेतन आयोग का समापन होने के बाद 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. दरअसल, 8वां वेतन आयोग लागू होते ही कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी काफी बढ़ जाएगी. 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा अपडेट है. मोदी सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लेकर अपनी तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है.
राजधानी दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक बिल्डिंग में वेतन आयोग के कामकाज के लिए ऑफिस अलॉट कर दिया गया है. अभी प्रतिनियुक्ति (Deputation) के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किए जा चुके हैं. केंद्र सरकार के अनुसार 3 नवंबर 2025 को संकल्प के जरिए 8वें वेतन आयोग के गठन को अधिसूचित किया गया था. नियम के मुताबिक वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को देने के लिए अधिसूचना की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि आयोग अपनी रिपोर्ट साल 2027 के शुरुआत या मध्य तक सरकार को सौंप पाएगा.
...तो इस दिन मांग पत्र पर होगी चर्चा
केंद्रीय कर्मचारियों को बजट 2026 में कुछ खास हाथ नहीं लगा है. कर्मचारी संगठनों को ऐसी उम्मीद थी कि मोदी सरकार बजट में 8वें वेतन आयोग के तहत कुछ राहत या अंतरिम घोषणाएं कर सकती है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. इसके बाद कर्मचारी संगठनों में सरकार के प्रति काफी नाराजगी है. CCGEW (Confederation of Central Government Employees & Workers) ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. इस संगठन ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है.
कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग है कि केंद्र सरकार वेतन आयोग के नाम पर मामले को टालने के बजाय तुरंत कार्रवाई शुरू करे. उनकी मांगों में अंतरिम राहत देना, महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मर्ज करना और टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में संशोधन करना शामिल है. केंद्रीय कर्मचारियों की नजरे 25 फरवरी पर टिकी हुई हैं. दरअसल, इसी दिन जेसीएम (स्टाफ साइड) की नेशनल काउंसिल की एक अहम बैठक होने वाली है. इसमें 8वें वेतन आयोग के लिए सौंपे जाने वाले मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा होगी. यही मांग पत्र वह दस्तावेज होगा, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों की तरफ से वेतन वृद्धि, भत्तों में बदलाव और पुरानी पेंशन जैसी अन्य सुविधाओं को लेकर अपना पक्ष रखा जाएगा.
कब तक बढ़कर आएगी सैलरी
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बैंक खाते में कब तक बढ़कर सैलरी आएगी तस्वीर बिल्कुल साफ है. वेतन आयोग साल 2027 की शुरुआत या मध्य तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद उन पर फैसला सरकार की ओर से लिया जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी और इसे लागू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया में 6 महीने और लग सकते हैं. ऐसे में यदि सबकुछ तय समय पर हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को पे-स्लिप में बदलाव जुलाई 2027 तक देखने को मिल सकता है. यदि सरकार ने थोड़ी सी उदासीनता दिखाई तो बढ़कर सैलरी 2028 तक आएगी. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को पे-स्लिप में बदलाव देखने के लिए अभी धैर्य बनाए रखना होगा.
...तो इसी दिन से लागू माना जाएगा 8वां वेतन आयोग
आपको मालूम हो कि सरकार हर 10 सालों में एक नया वेतन आयोग लाती है. 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू किया गया था, जिसका समापन 31 दिसंबर 2025 को हो गया है. अभी तक चली आ रही परंपरा के मुताबिक नया वेतन आयोग पूराने के समाप्त होने के अगले ही दिन से शुरू माना जाता है. सरकार ने 6वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से और 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू किया था. आपको मालूम हो कि 7वां पे कमिशन 1 जनवरी 2016 से लागू माना गया था, लेकिन सरकार ने इसे जून 2016 में मंजूरी दी थी. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 8वां वेतन आयोग को सरकार जब भी मंजूरी दे लेकिन इसे 1 जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा.
जानें एरियर का पैसा एक साथ मिलेगा या किस्तों में
कर्मचारियों में 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी कब बढ़कर आएगी और एरियर को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कर्मचारी जानना चाह रहे हैं कि क्या एरियर का बढ़ा पैसा सरकार एक साथ या किस्तों में देगी. नियम के मुताबिक 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू है. 8वें वेतन आयोग को लागू होने में देरी का मतलब है कि एरियर (बकाया राशि) बहुत ज्यादा मिलेगा. केंद्र सरकार के अभी तक के इतिहास को देखें तो एरियर का भुगतान एकमुश्त ही किया गया है. 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा.
भले ही 8वें वेतन आयोग पर फैसला 2027 या 2028 में आए. ऐसे में एरियर की गणना भी 1 जनवरी 2026 से ही होगी. एरियर का भुगतान पुरानी तारीख से ही जोड़कर किया जाएगा. ऐसी पूरी संभावना है कि एरियार का पैसा केंद्रीय कर्मचारियों को एक साथ ही मिलेगा, न कि किस्तों में. कर्मचारी एक बात का ध्यान रखें कि 8वें वेतन आयोग को लागू होने में जितनी देरी होगी, उतना ही उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. दरअसल, 8वां वेतन आयोग समय पर लागू हो जाता है तो केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ा हुआ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी समय से मिलने लगेगा. एचआरए और टीए का एरियर आमतौर पर पिछली तारीखों से नहीं दिया जाता. इसका मतलब है कि लेवल-8 के एक अधिकारी को 8वें वेतन आयोग को देरी से लागू होने के चलते लाखों रुपए का नुकसान होगा. इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA) पहले ही 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर चुका है, जिसे नियमों के तहत बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाना चाहिए था. ऐसा नहीं होने से भी केंद्रीय कर्मचारी पिछले दो सालों से अपनी वास्तविक बढ़ी हुई सैलरी से कम पा रहे हैं.