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8th Pay Commission Update: ₹55 से 18000 रुपए तक कैसे पहुंची सरकारी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, जानें 8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ सकता है वेतन 

केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग को लागू होने का इंतजार कर रहे हैं.  8वां वेतन आयोग लागू होते ही बेसिक सैलरी में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. आज हम आपको बता रहे हैं कैसे केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 55 रुपए से 18000 रुपए तक पहुंची और 8वें वेतन आयोग में कितना वेतन बढ़ सकता है?  

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8th Pay Commission 8th Pay Commission

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग को लागू होने का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. दरअसल, 8वां वेतन आयोग लागू होते ही बेसिक सैलरी में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. अभी केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए प्रति महीना है. 

8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा बेसिक सैलरी 18000 रुपए से बढ़कर ₹37800, ₹45000, ₹54000 या 69000 रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि यह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर है कि कितनी सैलरी बढ़ेगी. फिलहाल 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है. जब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह कयास ही लगाया जा सकता है कि आखिर कितनी सैलरी बढ़ेगी. यदि आप केंद्रीय कर्मचारी हैं तो आपको 18000 रुपए बेसिक सैलरी जरूर मिल रही होगी. क्या आप जानते हैं सबसे पहले बेसिक सैलरी कितनी थी. यदि नहीं तो हम आपको बता रहे हैं. सबसे पहले बेसिक सैलरी मात्र 55 रुपए मिलती थी. इसके बाद समय-समय पर अलग-अलग वेतन आयोगों ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव किए और न्यूनतम बेसिक पे में लगातार बढ़ोतरी होती गई.

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर 
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर नंबर है. इसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी, पेंशन और भत्तों को संशोधित किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर में किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है. इसका मतलब है कि फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी. फिटमेंट फैक्टर महंगाई, कर्मचारियों की रोजमर्रा का खर्च और सरकार की वित्तीय क्षमता जैसे विभिन्न कारकों पर विचार करके निर्धारित किया जाता है. 6वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी 7000 रुपए थी. 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. इससे केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़कर 18000 रुपए हो गई.

नई बेसिक सैलरी निकालने का फॉर्मूला

  • मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर = नई बेसिक सैलरी.
  • मौजूदा बैसिक सैलरी 18000 रुपए × फिटमेंट फैक्टर 3.88 = नई बेसिक सैलरी 69840 रुपए.
  • इस तरह से बेसिक सैलरी में 51840 रुपए का उछाल. यही बेसिक आगे पूरी ग्रॉस सैलरी का आधार बनेगा.
  • जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी भी उतनी ही ज्यादा होगी.

कितनी बढ़ सकती है बेसिक सैलरी 
सरकार ने अभी 8th Pay Commission को लागू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अलग-अलग संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाया जा रहा है. यदि किसी लेवल-1 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18000 रुपए है तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से उसकी नई बेसिक सैलरी कुछ इस तरह हो सकती है. यदि फिटमेंट फैक्टर 2.1 हुआ तो बेसिक सैलरी 37800 रुपए हो जाएगी. यदि फिटमेंट फैक्टर 2.5 होता है तो बेसिक सैलरी 45000 रुपए, यदि फिटमेंट फैक्टर  3.0 हुआ तो बेसिक सैलरी बढ़कर 54000 रुपए हो जाएगी. केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार से 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है. यदि सरकार इस मांग को मान लेती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए से बढ़कर करीब 69000 रुपए तक पहुंच सकती है.

कब आ सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 
मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले वेतन आयोगों के पैटर्न के अनुसार  आयोग ने नवंबर 2025 में काम शुरू किया है. अमूमन वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट लगभग 18 महीने में सरकार को सौंपता है. ऐसे में फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच सिफारिशें आने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि 8वें वेतन आयोग में कितनी बेसिक सैलरी बढ़ेगी, इसका अंतिम फैसला केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा. 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, रक्षा सेवाओं के कर्मचारी, रेलवे कर्मचारी, केंद्रीय पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशन पाने वाले पात्र लाभार्थियों को होगा.

कब लागू हुआ था पहला वेतन आयोग
आपको मालूम हो कि देश में हर 10 साल पर नया वेतन आयोग लागू किया जाता है. वेतन आयोग महंगाई को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करता है. हमारे देश में पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में गठित किया गया था और इसकी सिफारिशों को मई 1947 में लागू किया गया था. अभी तक देश में सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं. सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था. सातवां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है. अब 8वें वेतन आयोग को लागू होने की तैयारी की जा रही है.

कब लागू हुआ कौन सा वेतन आयोग और कितनी बढ़ी सैलरी

  • पहला वेतन आयोग (1946-47): न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपए और अधिकतम ₹2000, प्रभावी वर्ष 1946-47
  • दूसरा वेतन आयोग (1957-59): न्यूनतम बेसिक सैलरी 80 रुपए और अधिकतम 3000 रुपए, लागू वर्ष 1959
  • तीसरा वेतन आयोग (1972-73): न्यूनतम बेसिक सैलरी 196 रुपए और अधिकतम 3500 रुपए, लागू वर्ष 1973
  • चौथा वेतन आयोग (1983-86): न्यूनतम बेसिक सैलरी 750 रुपए और अधिकतम 8000 रुपए, लागू वर्ष 1986
  • पांचवां वेतन आयोग (1994-97): न्यूनतम बेसिक सैलरी 2550 रुपए और अधिकतम ₹26,000, लागू वर्ष 1997
  • छठा वेतन आयोग (2006-08): न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपए और अधिकतम ₹80000, प्रभावी वर्ष 2006
  • सातवां वेतन आयोग (2014-16): न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए और अधिकतम 2.25 लाख रुपए, कैबिनेट सेक्रेटरी के लिए ₹2.50 लाख, लागू 1 जनवरी 2016