Employee Pension Scheme
Employee Pension Scheme
अगर आप नौकरी छोड़ चुके हैं या जल्द ही नौकरी बदलने वाले हैं, तो ईपीएफओ से जुड़े नियमों की जानकारी होना जरूरी है. हर महीने सैलरी से पीएफ के साथ पेंशन के लिए भी पैसा कटता है. यह हिस्सा इंपलॉय पेंशन स्कीम यानी EPS के तहत आता है. नौकरी छोड़ने के बाद इस पेंशन से जुड़े लाभ के लिए कुछ कर्मचारियों को Form 10C की जरूरत पड़ सकती है.
Form 10C कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 यानी EPS से जुड़ा फॉर्म है. इसके जरिए मेंबर Withdrawal Benefit या Scheme Certificate के लिए अप्लाय कर सकते हैं. हालांकि, दोनों ऑप्शन हर वर्कर ले लिए नहीं होते. इसका फैसला आपके वर्किंग टेन्योक और लागू नियमों के आधार पर होता है.
अगर EPS में आपकी जॉब सेवा 10 साल से कम है, तो कुछ शर्तों के तहत Form 10C के जरिए Withdrawal Benefit के लिए अप्लाय किया जा सकता है. जैसे अगर किसी कर्मचारी ने 8 साल काम करने के बाद नौकरी छोड़ी है, तो वह लागू नियमों के अनुसार पेंशन से जुड़े Withdrawal Benefit का दावा कर सकता है.
अगर पेंशन सेवा 10 साल या उससे ज्यादा है, तो Withdrawal Benefit के बजाय Scheme Certificate जरूरी हो सकता है. Scheme Certificate आपकी पिछली पेंशन सेवा का रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करता है. बाद में नई नौकरी में EPS की सेवा जुड़ने पर यह रिकॉर्ड काम आ सकता है.
नौकरी बदलते समय केवल PF या पेंशन का पैसा निकालने पर ध्यान न दें. पहले यह समझें कि आपके लिए Form 10C के तहत कौन सा ऑप्शन लागू होता है. Scheme Certificate मिलने की स्थिति में पुरानी पेंशन सेवा का रिकॉर्ड फ्यूचर में इस्तेमाल किया जा सकता है.
Form 10C भरने से पहले अपनी सेवा अवधि, KYC और EPFO रिकॉर्ड की जानकारी जांच लें. इससे क्लेम प्रोसेस में होने वाली गलतियों से बचने में मदद मिल सकती है.