E-verification is Mandatory After Filing the ITR
E-verification is Mandatory After Filing the ITR
E-verification is Mandatory After Filing the ITR: टैक्सपेयर्स ध्यान दें वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) में कमाई गई इनकम के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी ITR दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है. ITR-1 से ITR-5 तक के सभी फॉर्म अधिसूचित किए जा चुके हैं.
टैक्सपेयर्स एक्सेल यूटिलिटी की सहायता से पहले ऑफलाइन रिटर्न तैयार कर सकते हैं और फिर बाद में ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि सामान्य टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. यदि आप आईटीआर दाखिल करने जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा क्योंकि आपकी एक छोटी सी गलती से रिफंड अटक सकता है. इतना ही नहीं यह गलती नोटिस या लेट फीस की वजह भी बन सकती है. आईटीआर भरने से पहले सही टैक्स रिजीम चुनें. AIS और Form 26AS का सही तरह से मिलान करें और उचित ITR फॉर्म भरें. अंत में आईटीआर दाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर करें. आपको मालूम हो कि तय समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर 5000 रुपए तक की लेट फीस और बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है. ऐसे में समय रहते सभी दस्तावेजों की जांच कर सही जानकारी के साथ आईटीआर जरूर दाखिल कर दें.
इस बार आईटीआर-1 में हुए हैं कुछ अहम बदलाव
आपको मालूम हो कि आयकर विभाग ने इस बार आईटीआर-1 फॉर्म में कुछ अहम बदलाव किए हैं. अब योग्य करदाता दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड हाउस प्रॉपर्टी की जानकारी भी आईटीआर-1 में दे सकते हैं. इसके अलावा अनरियलाइज्ड रेंट यानी ऐसा किराया जो मिलना था लेकिन नहीं मिला, उसके लिए आईटीआर फॉर्म में अलग कॉलम जोड़ा गया है. विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स की रिपोर्टिंग की अनिवार्यता इस बार हटा दी गई है.
ITR भरने से पहले जरूर करें यह काम
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी है. आईटीआर भरने से पहले फॉर्म-16, एआईएस, Form-26AS, बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाणपत्र और निवेश से जुड़े दस्तावेजों का मिलान जरूर करें. इसके साथ ही यह भी देखें कि प्री-फिल्ड जानकारी जैसे पैन, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल और बैंक खाते की जानकारी पूरी तरह सही हो. अपनी इनकम के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुनना भी बेहद जरूरी है. गलत आईटीआर फॉर्म भरने पर रिटर्न डिफेक्टिव घोषित हो सकता है.
ई-वेरिफिकेशन जरूर करें
आपको मालूम हो कि अधिकतर टैक्सपेयर्स बस आईटीआर दाखिल करने के बाद यह समझ लेते हैं कि पूरा प्रोसेस हो गया लेकिन इसके बाद एक जरूरी स्टेप बाकी होता है, जिसको पूरा नहीं करने पर रिफंड प्रोसेस नहीं होता है. रिफंड का पैसा अटक जाता है. जी हां, ITR दाखिल करने के बाद उसे ई-वेरीफाई (E-Verification) कराना बेहद जरूरी है. रिटर्न ई-वेरिफिकेशन नहीं करने पर आपके बैंक खाते में रुपए तो नहीं आएंगे लेकिन आयकर विभाग से नोटिस जरूर आ जाएगा.
आपको मालूम हो कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद उसकी डिजिटल पुष्टि करने के लिए ई-वेरिफिकेशन किया जाता है. ई-वेरिफिकेशन एक डिजिटल साइन जैसा होता है. इससे आयकर विभाग को मालूम चलता है कि इनकम टैक्स रिटर्न आपने ही फाइल किया है. ई-वेरिफिकेशन करने के बाद टैक्सपेयर्स को साइन किया हुआ ITR-V फॉर्म डाक से भेजने की जरूरत नहीं पड़ती है. यदि कोई ऑनलाइन वेरिफिकेशन नहीं कर सकता तो ITR-V की हस्ताक्षरित कॉपी 30 दिनों के भीतर CPC बेंगलुरु भेजनी होगी.
ऐसे करें ITR ई-वेरिफिकेशन
1. नेट बैंकिंगः टैक्सपेयर्स नेट बैंकिंग के माध्यम से आईटीआर को वेरिफाई कर सकते हैं. कई बैंक अपने ऑनलाइन पोर्टल पर ITR verification का विकल्प देते हैं. इसके लिए आपको बैंक की वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा. इसके बाद आपको टैक्स टैब में ई-वेरिफाई का विकल्प मिलेगा. वहां क्लिक करने पर इनकम टैक्स की वेबसाइट पर रीडारेक्ट हो जाएंगे. वहां पर माय अकाउंट टैब पर क्लिक करके ईवीसी जनरेट करें. इसके बाद आपके ई-मेल और मोबाइल फोन पर 10 अंक का एक कोड आएगा. यह कोड 72 घंटे के लिए वैलिड रहता है. यहां से आप आयकर रिटर्न वेरिफाई करने के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट में My Account टैब के अंदर ई-वेरिफाई विकल्प पर जाएं और I have EVC already के विकल्प को चुनकर अपने मोबाइल नंबर की मदद से अपना आईटीआर वेरिफाई कर लें.
2. आधार OTP: आप आधार ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए भी आईटीआर के वेरिफाई कर सकते हैं. यह सबसे आसान और तेज तरीका है. यदि आपका आधार कार्ड आपके पैन और मोबाइल नंबर से जुड़ा है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. आपको आईटीआर वेरिफाई करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाना होगा. वहां पर बाई साइड में Important links में दिए e-File Return पर क्लिक करना होगा. फिर न्यू पेज में अवर सर्विसेज में ई-वेरिफाई पर क्लिक करें. इसके बाद वेरिफिकेशन मेथड सेगमेंट आएगा. इसमें आपको आधार ओटीपी के जरिए रिटर्न वेरिफाई का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा. OTP नंबर डालने के बाद सबमिट पर क्लिक करें. ऐसा करने के बाद आपके पास रिटर्न ई-वेरिफाई होने का मैसेज आएगा.
3. बैंक या डीमैट अकाउंट: आप बैंक या डीमैट अकाउंट के जरिए भी आईटीआर के वेरिफाई कर सकते हैं. आपको इस माध्यम से आईटीआर वेरिफाई करने के लिए इसे प्री-वैलिडेटेड (पहले से सत्यापित) करना होता है. बैंक अकाउंट नंबर वैलिडेट करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर को पैन से लिंक करना होगा. इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल पर OTP आएगा और आईटीआर Verification हो जाएगी. आप शेयर की ट्रेडिंग करने वाले डीमैट अकाउंट के जरिए भी आईटीआर वेरिफाई कर सकते हैं. इसके लिए भी पहले आपको डीमैट अकाउंट को प्रीवैलिडेट करना होगा. डीमैट अकाउंट प्रीवैलिडेट होने के बाद इलेक्ट्रोनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी) जनरेट करें और फिर अपने मोबाइल नंबर की मदद से आईटीआर को वेरिफाई कर लें.
4. एटीएम कार्ड: करदाता एटीएम कार्ड के जरिए भी आईटीआर वेरिफाई कर सकते हैं. इसके लिए एटीएम कार्ड को बैंक के एटीएम में स्वाइप करना होगा. इसके बाद पिन फॉर इनकम टैक्स फाइलिंग पर क्लिक कीजिए. आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर EVC आएगा. फिर आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाकर लॉग-इन करें और ई-वेरिफाई रिटर्न ऑप्शन पर क्लिक करें. वेरिफिकेशन मेथड में Already generated EVC through bank ATM का ऑप्शन पर क्लिक करें. आपके मोबाइल पर भेजा गया ईवीसी कोड डालें. आपका आईटीआर वेरिफाई हो जाएगा. आपको मालूम हो कि इस सुविधा का लाभ कुछ बैंक के ग्राहक ही उठा सकते हैं.
5. डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC): बिजनेस करने वाले लोग या ऐसे टैक्सपेयर्स जिनके बैंक खातों का ऑडिट होना जरूरी है, उन्हें डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करना होता है. डिजिटल सिग्नेचर के जरिए वेरिफिकेशन पूरा होता है.
6. सॉफ्ट कॉपी भेजकर (ITR-V): यदि आप ऑनलाइन आईटीआर वेरिफाई नहीं कर पा रहे हैं तो आईटीआर फाइल करने के 30 दिनों के भीतर अपने ITR-V फॉर्म का प्रिंट निकालें. उस पर नीली स्याही से साइन करें और स्पीड पोस्ट के जरिए बेंगलुरु स्थित Centralised Processing Centre को भेज दें. इस तरह से आपका रिटर्न वेरिफाई हो जाएगा.
कैसे पता करें ई-वेरिफिकेशन हो गया है पूरा
1. टैक्सपेयर्स को सबसे पहले incometax.gov.in पर लॉगिन करना होगा.
2. फिर e-File सेक्शन में जाना होगा.
3. इसके बाद Income Tax Returns और उसके बाद e-Verify Return पर क्लिक करना होगा.
4. वेरिफिकेशन सफल होने पर स्क्रीन पर एक 'ट्रांजैक्शन आईडी' दिखेगी और आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर कंफर्मेशन मेल आ जाएगा.