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बिरयानी रेस्टोरेंट से खुला 70 हजार करोड़ का खेल! बिल डिलीट कर दबाई जा रही थी कमाई, AI से खुला टैक्स घोटाला

हैदराबाद की डिजिटल लैब में विशेषज्ञों ने डिलीट किए गए बिलों को दोबारा जोड़ना शुरू किया. भले ही बिल सिस्टम से हटाए गए थे, लेकिन हर ट्रांजैक्शन डिजिटल निशान छोड़ गया था. AI की मदद से इन निशानों को पढ़कर डिलीट किए गए डेटा को फिर से तैयार किया गया.

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हाइलाइट्स
  • एक सॉफ्टवेयर से जुड़ा था पूरा खेल

  • AI से खुला टैक्स घोटाला

हैदराबाद के कुछ मशहूर बिरयानी रेस्टोरेंट में इनकम टैक्स की टीम जब रूटीन जांच के लिए पहुंची, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह जांच देश के सबसे बड़े डिजिटल टैक्स खुलासों में बदल जाएगी. रेस्टोरेंट में कस्टमर्स बैठे थे, किचन चल रहा था, बिलिंग काउंटर भी नॉर्मल था. लेकिन रेस्टोरेंट में मौजूद कस्टमर्स की संख्या और बिलिंग सिस्टम में दिख रहे बिलों का आंकड़ा मेल नहीं खा रहा था.

जांच में पता चला कि कुछ कैश बिल सिस्टम में दर्ज होने के बाद गायब हो रहे थे. प्रिंटेड रिपोर्ट साफ दिखती थी, लेकिन सॉफ्टवेयर लॉग कुछ और कहानी कह रहे थे.

एक सॉफ्टवेयर से जुड़ा था पूरा खेल
शुरुआत में अधिकारियों को लगा कि यह लोकल लेवल की गड़बड़ी है. लेकिन जब पता चला कि सभी संदिग्ध रेस्टोरेंट एक ही बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तब जांच का दायरा बढ़ा. सॉफ्टवेयर कंपनी का बैकएंड अहमदाबाद से ऑपरेट हो रहा था.

आयकर विभाग ने करीब 60 टेराबाइट डेटा खंगाला, जिसमें देशभर के 1 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट की बिलिंग जानकारी शामिल थी. एक छोटे से बिरयानी आउटलेट की गड़बड़ी ने राष्ट्रीय स्तर का डेटा ट्रेल खोल दिया.

AI ने जोड़ा मिटाए गए बिलों का हिसाब
हैदराबाद की डिजिटल लैब में विशेषज्ञों ने डिलीट किए गए बिलों को दोबारा जोड़ना शुरू किया. भले ही बिल सिस्टम से हटाए गए थे, लेकिन हर ट्रांजैक्शन डिजिटल निशान छोड़ गया था. AI की मदद से इन निशानों को पढ़कर डिलीट किए गए डेटा को फिर से तैयार किया गया.

छह साल की जांच में पाया गया कि रेस्टोरेंट्स ने कुल 2.43 लाख करोड़ रुपए के बिल जनरेट किए थे. इनमें से 13 हजार करोड़ रुपए के बिल चुपचाप डिलीट कर दिए गए. कुछ रेस्टोरेंट रोज थोड़े-थोड़े कैश बिल हटाते थे.

राज्यों में कितना बड़ा है खेल?
जांच में सामने आया कि कर्नाटक में सबसे ज्यादा करीब 2,000 करोड़ रुपए के डिलीटेड ट्रांजैक्शन मिले. तेलंगाना में 1,500 करोड़ रुपए, जबकि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात भी पीछे नहीं रहे. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 3,734 पैन नंबर की जांच में 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की दबाई गई बिक्री सामने आई. सिर्फ 40 रेस्टोरेंट के सैंपल में 400 करोड़ रुपए का अनडिक्लेयर्ड टर्नओवर मिला. कई आउटलेट्स अपनी करीब 25% बिक्री छिपा रहे थे.

कुल मिलाकर करीब 70 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर छिपाया गया, जिससे अरबों डॉलर का टैक्स नुकसान हो सकता है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने जांच का दायरा अन्य राज्यों तक बढ़ा दिया है. अब विभाग डिलीट किए गए बिलों को टैक्स रिटर्न और बैंक रिकॉर्ड से मिलान कर नोटिस और जुर्माने की तैयारी कर रहा है.