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सरकार ने 34% से बढ़ाकर 38% कर दिया है DA! Whatsapp पर तेजी से शेयर हो रहा सरकार की तरफ से जारी पत्र

Whatsapp पर वायरल हो रहे पत्र में दावा किया गया कि राष्ट्रपति यह फैसला लेते हुए प्रसन्न हैं कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ता 1 जुलाई, 2022 से मूल वेतन के मौजूदा 34% से बढ़ाकर 38% कर दिया जाएगा

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हाइलाइट्स
  • Whatsapp पर शेयर हो रहा है पत्र

  • केन्द्र सरकार ने बताया फर्जी

DA Hike: व्हाट्सएप पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, वायरल हो रहे इस मैसेज में ये बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 38 प्रतिशत कर दिया गया है. महंगाई भत्ता (डीए) 34 प्रतिशत है. अब केन्द्र सरकार ने इसे लेकर साफ कर दिया है कि  यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी है और हमारी तरफ से ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है. सरकार ने ये भी मशवरा दिया है कि लोगों को ऐसे फर्जी मैसेज पर भरोसा करने से पहले इनकी हकीकत जान लेनी चाहिए. हर दिन ऐसे फर्जी मैसेज वायरल होते हैं. लेकिन असल में इनकी  हकीकत कुछ और होती है.

केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि #व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे फर्जी मैसेज में दावा किया गया है कि महंगाई भत्ते की अलावा किस्त 01.07.2022 से प्रभावी होगी.व्यय विभाग ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है, 

इस ‘फर्जी’ मैसेज में ये भी कहा गया था कि “राष्ट्रपति यह फैसला लेते हुए काफी खुश हैं कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ता 1 जुलाई, 2022 से मूल वेतन के मौजूदा 34% से बढ़ाकर 38% कर दिया जाएगा.” जबकि सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया गया है. 

महंगाई भत्ता क्या है?

केन्द्र या राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई की मार से बचाने के लिए भत्ता देती है. महंगाई भत्ते का मतलब है कि सरकार, महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए कर्मचारियों के मूल वेतन के एक प्रतिशत के रूप में अपने पेंशनभोगियों, कर्मचारियों को भुगतान करती है. इसे साल में दो बार  यानी जनवरी और जुलाई में कैलकुलेट किया जाता है.