Economic Survey 2026: आर्थिक सर्वे में क्या है खास? जानें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया है. सरकार ने रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 के बीच रखा है. महंगाई दर का अनुमान लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है. इस बार आर्थिक सर्वेक्षण में AI पर फोकस किया गया है.
Finance Minister Nirmala Sitharaman
- नई दिल्ली,
- 29 जनवरी 2026,
- (Updated 29 जनवरी 2026, 2:39 PM IST)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया. आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 7.4 फीसदी की दर से थोड़ा कम है. इस बार आर्थिक सर्वेक्षण में AI पर फोकस किया गया है. आर्थिक सर्वे में कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा. लेकिन भारत ने संकट को अवसर में बदल दिया. चलिए आपको बताते हैं कि आर्थिक सर्वे में क्या-क्या खास है.
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान.
- वित्त वर्ष 2026 में भारत की विकास दर 7 फीसदी से अधिक रही.
- राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 4.8 फीसदी पर पूरा हुआ.
- देश का कैपिटल एक्सपेंडिचर 4.2 गुना बढ़ गया है.
- मुद्रास्फीति कंट्रोल में है और स्थिर बनी हुई है.
- जीएसटी सुधारों का अगला चरण ई-वे बिल सिस्टम पर केंद्रित हो सकता है.
- AI के लिए इसमें एक अलग चैप्टर रखा गया है.
- अमेरिकी ट्रैरिफ के बावजूद पहली और तीसरी तिमाही में प्रदर्शन बेहतर रहा.
- राज्यों से कैस ट्रांसफर की बजाय पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देने की अपील.
- रुपए का मूल्यांकन अर्थव्यवस्था के बुनियादी सिद्धांतों को सटीक रूप से नहीं दिखा रहा है.
- विकास के आसपास जोखिमों का संतुलन मोटे तौर पर समान है.
- विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से निकासी को लेकर भी चिंता जताई गई है.
- भारत में कुल एफडीआई निवेश मजबूत हुआ है. इक्विटी निवेश और नए प्रोजेक्ट्स के चलते एफडीआई स्थिर रहा है, जबकि पोर्टफोलियो निवेश में ग्लोबल आर्थिक हालात के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.
- बैलेंस शीट की मजबूती दिखाती है कि भारतीय परिवारों, कंपनियों और बैंकों की वित्तीय स्थिति अब पहले से कहीं अधिक सेहतमंद है.
- सरकार ने बताया कि बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश, सरकार का पूंजीगत व्यय अब जीडीपी के 4 फीसदी तक पहुंच गया है.
- कृषि क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन किया है और एमएसपी, डीबीटी और फसल बीमा पर फोकस रहेगा.
- चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाजों के कारण खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है.
- आर्थिक सर्वे में स्वदेशी निर्माण पर जोर दिया गया है, उसे जरूरी बताया गया है. सरकार का कहना है कि निर्माण की लागत घटाने के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी.
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