Gold-Silver Price down today 16 March 2026 (File Photo)
Gold-Silver Price down today 16 March 2026 (File Photo)
अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जबकि निवेशक सेफ-हेवन की तलाश में सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं. 16 March को शुरुआती कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. भारत में 24 कैरेट सोना 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी करीब 2.59 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5000 डॉलर के आसपास
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 5000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि स्पॉट सिल्वर 80 डॉलर प्रति औंस से नीचे रहा. निवेशक फिलहाल तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का आकलन कर रहे हैं.
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों की नजर सुरक्षित निवेश विकल्पों पर है, लेकिन डॉलर मजबूत होने की वजह से सोने-चांदी की कीमतों पर हल्का दबाव भी देखने को मिल रहा है.
भारत में 24 कैरेट सोना 1.58 लाख के पार
देश के प्रमुख शहरों में सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं (प्रति 10 ग्राम):
मुंबई: 1,58,800 रुपए
दिल्ली: 1,58,520 रुपए
चेन्नई: 1,59,260 रुपए
कोलकाता: 1,58,580 रुपए
बेंगलुरु: 1,58,920 रुपए
हैदराबाद: 1,59,050 रुपए
वहीं 22 कैरेट सोना करीब 1,45,900 रुपए प्रति 10 ग्राम बिक रहा है.
चांदी 2.59 लाख रुपए प्रति किलो के करीब
सोमवार को देश के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें इस प्रकार रहीं (प्रति किलोग्राम):
मुंबई: 2,59,240 रुपए
दिल्ली: 2,58,790 रुपए
चेन्नई: 2,59,990 रुपए
कोलकाता: 2,58,900 रुपए
हैदराबाद: 2,59,650 रुपए
(ये दरें जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं.)
एक महीने पहले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे दाम
आपको बता दें, इससे पहले सोने की कीमतें 1,80,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच चुकी थीं. वहीं चांदी ने भी 4,20,000 रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. इसके बाद से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है.
क्यों बदल रहे हैं सोना-चांदी के दाम
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में बुलियन की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय कीमतें, आयात शुल्क और रुपया-डॉलर विनिमय दर प्रमुख हैं. इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. इसी वजह से यह उम्मीद कम हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व या अन्य केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में कटौती करेंगे.