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Reduce EMI Burden: सैलरी आते ही कटती कई लोन की ईएमआई, नहीं बचता सेविंग लायक पैसा... ऐसे में इन टिप्स को अपनाएं... घटने लगेगा पीठ से कर्ज का बोझ

अक्सर लोगों के साथ होता है कि वह कर्ज के तले दबे होते हैं. कार लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड लोन. ऐसे में परेशानी होती है कि सैलरी आते ही खत्म हो जाती है, और सेविंग के लिए पैसा नहीं बचता, लेकिन कुछ स्मार्ट टिप्स की मदद से आप इन कर्ज को मैनेज कर कम कर सकते हैं.

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आज के समय में लोन लेना काफी आसान हो गया है. घर, कार, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की वजह से कई लोगों पर हर महीने EMI का बोझ रहता है. कई बार सैलरी आते ही ईएमआई और दूसरे बिलों में चली जाती है. इसके बाद सेविंग के लिए बहुत कम पैसा बचता है.

अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आपको मनी प्लानिंग पर ध्यान देना जरूरी है. कुछ आसान तरीकों से आप अपने खर्च को कंट्रोल कर सकते हैं. जिससे कर्ज का बोझ भी धीरे-धीरे कम किया जा सकता है.

खर्चों का रखें लेखा जोखा

हर महीने आपकी सैलरी कहां खर्च हो रही है, इसका हिसाब रखें. गैर जरूरी शॉपिंग, बाहर का खाना और दूसरी छोटी-छोटी चीजों पर होने वाले खर्च को देखें. जो खर्च जरूरी नहीं हैं, उन्हें कम करें.

बचा हुआ पैसा लोन की EMI चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे कर्ज को जल्दी कम करने में काफी मदद मिल सकती है.

ज्यादा ब्याज वाले कर्ज पहले साफ करें

अगर आपके ऊपर कई तरह के लोन हैं, तो सबसे ज्यादा ब्याज वाले कर्ज को पहले खत्म करने की कोशिश करें. क्रेडिट कार्ड का बकाया अक्सर महंगा पड़ सकता है. इसलिए ऐसे कर्ज को ज्यादा समय तक चलाने से बचें.

तैयार करें Emergency Fund

अचानक नौकरी जाने या किसी बड़े खर्च की जरूरत पड़ने पर Emergency Fund काफी काम आता है. कोशिश करें कि आपके पास कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च जितनी रकम हो. इससे अचानक पैसे की जरूरत पड़ने पर नया लोन लेने की जरूरत कम हो सकती है.

सैलरी के हिसाब से करें EMI Planning

EMI की तारीख को अपनी Salary आने के समय के हिसाब से रखना मददगार हो सकता है. इससे महीने की शुरुआत में ही EMI के लिए पैसा अलग किया जा सकता है.

साथ ही अपनी कुल EMI को ध्यान में रखकर ही नया Loan लें. जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचना जरूरी है. पहले से एक लोन चल रहा है तो बिना जरूरत दूसरा लोन लेने से बचें. हर नए कर्ज के साथ आपकी मंथली ईएमआई बढ़ सकती है. इससे सेविंग करना मुश्किल हो जाता है.