New Tax Regime Benefits
New Tax Regime Benefits
1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा. हालांकि इस बार बजट में इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बस प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है. टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के पास इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने के लिए पहले की तरह दो विकल्प हैं. पहला ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) और दूसरा न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime).
मिडिल क्लास और सैलरीड पर्सन की हर साल प्लानिंग यही रहती है कि टैक्स का बोझ कम कैसे किया जाए. उनके लिए न्यू टैक्स रिजीम बेहतर है या ओल्ड टैक्स रिजीम ही अच्छी है. आज हम आपको न्यू टैक्स रिजीम को अपनाकर कैसे टैक्स बचा सकते हैं, उन उपायों के बारे में बता रहे हैं. ITR भरने से पहले आप इस खबर को जरूर पढ़ लीजिए. न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपए सालान तक की इनकम टैक्स फ्री है जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपए तक की सालाना आय पर कर नहीं लगता है. आपको मालूम हो कि न्यू टैक्स रिजीम में भले ही ओल्ड टैक्स रिजीम से कम कटौतियां दिखती हों, लेकिन सरल दरों और कुछ खास लाभों के कारण यह कई लोगों के लिए काभी लाभदायक है.
न्यू टैक्स रिजीम के फायदे
1. धारा 87A के तहत टैक्स में छूट
नई टैक्स रिजीम में सरकार आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 87ए के तहत 60000 रुपए तक की टैक्स छूट देती है. इस टैक्स छूट के चलते एक वित्तीय वर्ष में 12 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होता है.
New Tax Regime में कितनी इनकम पर कितना लगता है टैक्स
4 लाख रुपए तक की इनकम पर 0 प्रतिशत टैक्स.
4 से 8 लाख रुपए तक की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स.
8 से 12 लाख रुपए तक की इनकम पर 10 प्रतिशत टैक्स.
12 से 16 लाख रुपए तक की इनकम पर 15 प्रतिशत टैक्स.
16 से 20 लाख रुपए तक की इनकम पर 20 प्रतिशत टैक्स.
20 से 24 लाख रुपए तक की इनकम पर 25 प्रतिशत टैक्स.
24 लाख रुपए से अधिक की इनकम पर 30 प्रतिशत टैक्स.
नोट: न्यू टैक्स रिजीम में 4 से 8 लाख रुपए तक की इनकम पर 5 प्रतिशत टैक्स और 8 से 12 लाख रुपए तक की इनकम पर 10 प्रतिशत टैक्स सरकार सीधे माफ कर देती है. एक साल में 12 लाख रुपए की कमाई पर 60 हजार रुपए टैक्स बनता है. न्यू टैक्स रिजीम में सरकार 60 हजार रुपए माफ कर देती है. इस तरह से 12 लाख रुपए की कमाई पर एक भी पैसा टैक्स नहीं देना होता है. यदि आप सैलरीड पर्सन नहीं हैं तो आपकी आय 12 लाख रुपए से 1 रुपए भी ज्यादा होती है तो आपको 87ए का फायदा नहीं मिलेगा. आपको 4 लाख से अधिक की आय पर टैक्स चुकाना होगा.
2. स्टैंडर्ड डिडक्शन
नई टैक्स रिजीम में सैलरीड पर्सन को 75000 रुपए तक की स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है. इससे एक वित्तीय वर्ष में उनकी 1275000 रुपए तक की आय टैक्स फ्री हो जाती है.
3. ग्रेच्युटी
ग्रेच्युटी (Gratuity) एकमुश्त वह राशि है, जो नियोक्ता (Employer) की ओर से कर्मचारी को लंबी सेवा के बदले (आमतौर पर 5 साल से अधिक), उनके रिटायरमेंट, इस्तीफे, नौकरी से निकाले जाने या मृत्यु की स्थिति में दी जाती है. सरकारी कर्मचारियों के लिए मिलने वाली पूरी ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है. उधर, प्राइवेट कर्मचारियों के लिए 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं लगता है. नई टैक्स रिजीम में आप इसका लाभ उठा सकते हैं.
4.एनपीएस
सेक्शन 80सीसीडी (2) के तहत न्यू टैक्ट रिजीम में यदि आपका नियोक्ता आपके NPS (National Pension System) खाते में योगदान करता है तो उस राशि पर आपको टैक्स में छूट मिलती है. यह छूट आमतौर पर सैलरी के 10 प्रतिशत तक होती है. कुछ मामलों में यह 14 प्रतिशत तक होती है. इसका मतलब है कि नियोक्ता की ओर NPS में जमा की गई राशि आपकी टैक्सेबल इनकम से घटा दी जाती है, जिससे आपका कुल टैक्स कम हो जाता है.
5. लीव Encashment
Section 10(10AA) के तहत न्यू टैक्स रिजीम में Leave Encashment यानी रिटायरमेंट के समय बची हुई छुट्टियों के बदले मिलने वाला पैसा टैक्स फ्री होता है.
6. नए टैक्स सिस्टम में टैक्स से बचने के ये भी हैं उपाय
80C और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे क्लासिक डिडक्शन भले नए सिस्टम में लागू नहीं होते, लेकिन कुछ छोटे लेकिन अहम डिडक्शन अब भी मौजूद हैं. ऑफिस में मिलने वाली फ्री टी/कॉफी, ऑफिस मोबाइल, किताबों का खर्च या ट्रेनिंग इन सभी पर टैक्स नहीं लगता. यदि ये आपके कामकाज से जुड़े हों. यदि आपने घर किराए पर दे रखा है तो होम लोन के ब्याज की कटौती भी की जा सकती है, लेकिन यह सुविधा सिर्फ किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर लागू होती है, खुद के रहने वाले घर पर नहीं.