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Income Tax Return Filing 2026: टैक्सपेयर्स ध्यान दें! बिना CA की मदद लिए खुद से भर सकते हैं ITR, बस पास में रख लें ये डॉक्यूमेंट्स और 10 मिनट में फाइल कर दें आईटीआर, जानें इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का तरीका

ITR Filing Process: वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है. इसके बाद आईटीआर दाखिल करने पर जुर्माना देना पड़ेगा. यदि आप ITR दाखिल करना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए और आप बिना सीए की मदद लिए घर बैठे सिर्फ 10 मिनट में आईटीआर फाइल कैसे कर सकते हैं? 

ITR Filing 2026 ITR Filing 2026

ITR Filing 2026: वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है. आम टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है. बिजनेस क्लास (ITR-3 और ITR 4 फॉर्म) 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भर सकते हैं. 

आम टैक्सपेर्स लास्ट डेट निकल जाने पर 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड यानी विलंबित रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जुर्माना देना होगा. यदि सालाना इनकम 5 लाख रुपए या इससे अधिक है तो 5000 रुपए लेट फीस और आय 5 लाख से कम है तो 1000 रुपए लेट फीस देनी होगी. बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प नहीं मिलेगा. आप व्यापार या कैपिटल लॉस को आगे नहीं ले जा सकते. इतना ही नहीं बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है. ऐसे में आप देरी मत कीजिए तुरंत आईटीआर दाखिल कर दीजिए. आप बिना सीए की मदद लिए घर बैठे सिर्फ 10 मिनट में आईटीआर फाइल कर सकते हैं? हम आपको बता रहे हैं ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने का तरीका क्या है और इसको भरने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए? 

ITR फाइल करने के लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी 
1.
पैन से लिंक आधार कार्ड 
2. PAN कार्ड 
3. फॉर्म-16 (नियोक्ता द्वारा जारी)
4. फॉर्म 26AS
5. वार्षिक सूचना विवरण (AIS)
6. कर सूचना विवरण (TIS)
7. निवेश से जुड़े डॉक्यूमेंट्स (PPF, बैंक जमा आदि)
8. होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
9. बीमा प्रीमियम की रसीदें
10. धारा 80C, 80D आदि के तहत दावा किए जाने वाले दस्तावेज
11. आधार से वैलिडेट बैंक खाता

ITR फॉर्म सही चुनना जरूरी
आईटीआर दाखिल करने के लिए सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी होता है. आपको मालूम हो कि गलत आईटीआर फॉर्म चुनने पर रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से कुल 7 तरह के आईटीआर फॉर्म जारी किए जाते हैं. टैक्सपेयर्स अपनी इनकम के अनुसार आईटीआर फॉर्म चुन सकते हैं.  सैलरी पाने वाले, पेंशन पाने वाले और साधारण ब्याज आय वालों के लिए ITR-1 फॉर्म होता है. कैपिटल गेन, एक से ज्यादा घर, विदेशी संपत्ति या आय वालों के लिए ITR-2 फॉर्म होता है. इसी तरह बिजनेस, फ्रीलांस, F&O या ट्रेडिंग करने वालों के लिए ITR-3 फॉर्म है. ITR-4 फॉर्म छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए होता है. यदि किसी टैक्सपेयर को यह समझ नहीं आ रहा कि कौन-सा आईटीआर फॉर्म दाखिल करना है तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध "Help Me Decide" विकल्प की मदद से अपनी पात्रता के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म चुन सकते हैं. करदाता आईटीआर दाखिल करते समय न्यू टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं. आपको मालूम हो कि न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स में छूट प्राप्त करने के लिए बहुत सीमित विकल्प हैं जबकि ओल्ड टैक्स रिजीम में करीब 70 तरीकों से डिडक्शन और टैक्स छूट का लाभ लेने का मौका मिलता है.

ऐसे घर बैठे ऑनलाइन ITR करें फाइल

  • ITR भरने के लिए आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल  https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाना होगा. 
  • अब अपने पैन नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड का इस्तेमाल करके लॉगिन करें. 
  • अब ‘ई-फाइल’ मेनू पर जाएं. यहां ‘इनकम टैक्स रिटर्न’ पर क्लिक करें.
  • एसेसमेंट ईयर के रूप में 2026-27 और मोड 'Online' चुनकर आगे बढ़ें.
  • फिर अपनी इनकम के आधार पर ITR फॉर्म चुनें. 
  • इसके बाद सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को पास रखकर स्टार्ट ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • इसके बाद कंप्यूटर या लैपटॉप के स्क्रीन पर कुछ सवाल आएंगे, जो भी आप पर लागू हैं, उसके चेक बॉक्स को मार्क करके कंटीन्यू क्लिक कर दें.
  • डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक अपनी आय और कटौती का ब्योरा अलग-अलग सेक्शन में दर्ज करें.
  • यदि टैक्सलायबिलिटी का मामला है तो आपके दिए गए ब्योरे के आधार पर टैक्स-कैलकुलेशन का संक्षिप्त विवरण दिखेगा.
  • कैलकुलेशन के हिसाब से टैक्सलायबिलिटी बनती है तो अभी भुगतान करें और बाद में भुगतान करें का विकल्प चुन सकते हैं.
  • यदि कोई टैक्सलायबिलिटी नहीं बनती है तो फिर टैक्स चुकाने के बाद, 'प्रिव्यू रिटर्न' पर क्लिक करें.
  • इसके बाद 'प्रिव्यू और रिटर्न जमा करें' डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करके 'वैलिडेशन के लिए आगे बढ़े' ऑप्शन चुनें.
  • अब प्रिव्यू देखें और 'रिटर्न जमा करें' पेज पर, वेरिफाई के लिए आगे बढ़ें. रिटर्न को वेरिफाई और ई-सत्यापि करना अनिवार्य है.
  • ई-वेरिफाई पेज पर जिस विकल्प का इस्तेमाल कर आप ई-सत्यापन करना चाहते हैं, उसे चुनें और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
  • एक बार जब आप रिटर्न को ई-वेरिफाई करा लेते हैं तो फार्म के सफलतापूर्व भरे जाने की सूचना स्क्रीन पर दिखती है.
  • ट्रांजैक्शन आईडी और एकनॉलेजमेंट नंबर स्क्रीन पर मिलता है, जिससे आप भविष्य में अपने आईटीआर फॉर्म का स्टेटस चेक कर सकते हैं.
  • ई-फाइलिंग पोर्टल पर आपका जो मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी रजिस्टर्ड है, उस पर फॉर्म सफलता पूर्वक भरने जाने का मैसेज मिल जाएगा.
  • रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर वेरिफाई जरूर कर लें.
  • आप आधार ओटीपी, ईवीसी, नेट बैंकिंग जैसी विधियों का उपयोग करके या सीपीसी, बेंगलुरु को आईटीआर-वी की एक भौतिक प्रति भेजकर ई-सत्यापन कर सकते हैं.