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दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट इन दिनों अपने दो बड़े फैसलों को लेकर चर्चा में है. एक तरफ कंपनी ने भारत समेत चार देशों के करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने वॉलंट्री ऑप्शन दिया है. वहीं दूसरी तरफ कंपनी 25 अरब डॉलर यानी करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये का कर्ज जुटा रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर माइक्रोसॉफ्ट को इतनी बड़ी रकम उधार लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
AI पर बड़ा निवेश करने की तैयारी में Microsoft
माइक्रोसॉफ्ट इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं पर तेजी से काम कर रही है. कंपनी को अपने AI टूल्स और दूसरी डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है. इसके लिए नए डेटा सेंटर, सर्वर और कंप्यूटर से जुड़ी सुविधाएं तैयार करनी होंगी.
इसी जरूरत को देखते हुए कंपनी अमेरिकी बॉन्ड बाजार से 25 अरब डॉलर जुटा रही है. कंपनी साल 2026 में करीब 175 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है. इस रकम का इस्तेमाल AI और क्लाउड कारोबार से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ाने में किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के बॉन्ड खरीदने के लिए निवेशकों ने करीब 115 अरब डॉलर की बोली लगाई है.
60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर क्यों?
माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्टूबर को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (Voluntary Exit Offer) की घोषणा की थी. इसके तहत भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में काम करने वाले करीब 60 हजार कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का ऑप्शन दिया गया है.
यह ऑफर कंपनी के चुनिंदा विभागों के कर्मचारियों के लिए है. इसमें Xbox, Windows, Copilot, फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स जैसे विभाग शामिल हैं. हालांकि, कंपनी के सभी कर्मचारियों को यह ऑफर नहीं दिया गया है.
क्या AI की वजह से जा सकती है कर्मचारियों की नौकरी?
कंपनी का कहना है कि यह ऑफर कर्मचारियों को आर्थिक मदद के साथ करियर में आगे बढ़ने का मौका देने के लिए है. यह जबरन नौकरी से निकालने की प्रक्रिया नहीं है. कर्मचारी अपनी इच्छा से इसे स्वीकार कर सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट को उम्मीद है कि करीब 3 हजार या इससे कम कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करेंगे.
क्या दोनों फैसलों का आपस में है संबंध?
कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर देना और कर्ज जुटाना, दोनों फैसले एक ही समय पर सामने आए हैं. हालांकि, कंपनी ने इन्हें अलग-अलग फैसले बताया है. साफ है कि माइक्रोसॉफ्ट एक तरफ खर्च कम करने और काम करने के तरीके में बदलाव करने पर ध्यान दे रही है, तो दूसरी तरफ AI के भविष्य को देखते हुए बड़े निवेश की तैयारी कर रही है. आने वाले समय में कंपनी की यह रणनीति टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़े बदलाव ला सकती है.