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Belated ITR Filing: डेडलाइन खत्म! टैक्सपेयर्स क्या आपने अभी तक नहीं भरा है इनकम टैक्स रिटर्न... तो अब क्या होगा... जान लें जुर्माने से लेकर रिफंड तक के नए नियम

ITR Filing Deadline: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है. यदि कोई टैक्सपेयर्स आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. आप 31 दिसंबर 2026 तक लेट फीस देकर बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं बिलेटेड आईटीआर कैसे फाइल करना है और किसको कितना जुर्माना देना होगा?

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Belated ITR Filing Belated ITR Filing

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) यानी आईटीआर (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है. वेतनभोगी, पेंशनभोगी और निवेशक जो ITR-1/ITR-2 फॉर्म भरते हैं, उनके लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 थी. वैसे टैक्सपेयर्स जिनकी इनकम सिर्फ नौकरी से नहीं बल्कि बिजनेस, फ्रीलांसिंग, प्रोफेशनल सर्विस या ट्रेडिंग से होती है और जो ITR-3/ITR-4 फॉर्म भरते हैं उनके लिए आईटीआर जमा करने की डेडलाइन 31 अगस्त 2026 थी. यदि कोई टैक्सपेयर्स इस तारीख तक आईटीआर दाखिल नहीं कर पाए हैं तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. आप 31 दिसंबर 2026 तक लेट फीस देकर बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) फाइल कर सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं बिलेटेड आईटीआर कैसे फाइल करना है और किसको कितना जुर्माना देना होगा?

क्या होता है बिलेटेड आईटीआर 
आपको मालूम हो जब कोई करदाता यानी टैक्सपेयर्स आयकर विभाग की और से तय समयसीमा यानी ड्यू डेट के बाद आईटीआर दाखिल करता है तो उसे बिलेटेड आईटीआर कहा जाता है. इसे आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत दाखिल किया जाता है. असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए करदाता 31 दिसंबर 2026 तक Belated ITR फाइल कर सकते हैं. यदि कोई करदाता बिलेटेड आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है तो उसके पास सिर्फ एक ही ऑप्‍शन बचता है ज‍िसे अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) कहा जाता है.

हालांकि इसके लिए एक्‍सट्रा चार्ज देना पड़ता है और कुछ शर्तें भी लागू होती हैं.  आप 31 दिसंबर 2026 तक भी ITR दाखिल नहीं कर पाते हैं तो आप आयकर विभाग से देरी माफ करने की गुहार लगा सकते हैं. हालांकि यह सुविधा हर किसी को नहीं मिलती है. इसके लिए कोई ठोस वजह बतानी होगी कि आप समय पर आईटीआर क्यों नहीं भर पाए. आपको मालूम हो कि यह विकल्प मुख्य रूप से वैध रिफंड क्लेम या लॉस को कैरी फॉरवर्ड करने जैसे गंभीर मामलों में ही दिया जाता है. आपको मालूम हो कि बिलेटेड आईटीआर के जरिए भी आप अपना टैक्स रिफंड क्लेम कर सकते हैं.

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर देनी होगी लेट फीस
बिलेटेड आईटीआर दाखिल करने के लिए धारा 234F के तहत लेट फीस देनी होती है. लेट फीस कितनी देनी होगी यह टैक्सपेयर्स की कमाई पर निर्भर करता है. यदि करदाता की कुल सालाना इनकम 5 लाख रुपए या उससे कम है तो 1000 रुपए की लेट फीस देनी होगी. 5 लाख रुपए से अधिक सालाना आय होने पर लेट फीस 5000 रुपए देनी होगी.

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर सिर्फ लेट फीस ही नहीं देनी पड़ती है बल्कि और नुकसान उठाना पड़ता है. टैक्सपेयर को आयकर अधिनियम की धारा 234ए के तहत टैक्स पर इंटरेस्ट भी देना होता है. यदि कोई टैक्स बकाया है तो उस पर प्रति माह 1% की दर से ब्याज लगेगा. बिलेटेड आईटीआर में टैक्सपेयर्स बिजनेस और कैपिटल गेन का लॉस आगे के सालों में कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा बिलेटेड रिटर्न में सिर्फ नए टैक्स रिजीम में ही आईटीआर फाइल करना होगा, जिससे पुराने रिजीम में मिलने वाले टैक्स डिडक्शन का फायदा खत्म हो जाएगा. 

बिलेटेड आईटीआर ऐसे करें फाइल 

  • बिलेटेड आईटी फाइल करने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग की ऑफिशियल साइट https://eportal.incometax.gov.in/ पर जाएं.
  • फिर ऑफिशियल साइट पर पैन और यूजर आईडी डालकर अपना पासवर्ड बनाएं और लॉग इन करें.
  • इसके बाद e-File सेक्शन में जाएं और Income Tax Return ऑप्शन चुनें.
  • फिर संबंधित Assessment Year 2026-27 चुनें और Online फाइलिंग का विकल्प चुनें.
  • अब एक नई फाइलिंग शुरू करें और अपनी कैटेगरी जैसे individual/HUF/others चुनें.
  • इसके बाद अपने इनकम के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें.
  • फिर फाइलिंग सेक्शन में जाकर धारा 139(4) (Belated Return filed after due date) को चुनें.
  • इसके बाद इनकम डिटेल्स, डिडक्शन आदि भरें और ITR सबमिट करें.