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National Pension System: खुशखबरी! NPS में अब 85 साल की उम्र तक कर सकते हैं निवेश, एक साथ निकाल सकते हैं 80% तक राशि, जानें नेशनल पेंशन सिस्टम में क्या-क्या हुए बड़े बदलाव 

PFRDA ने NPS में बड़ा बदलाव किया है. अब NPS में 75 नहीं बल्कि 85 साल की उम्र तक निवेश कर सकते हैं. यह सुविधा सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए है. अब आप अपने कुल जमा पैसे का सिर्फ 20% हिस्सा ही एन्युटी खरीदने में लगा सकते हैं. आइए जानते हैं नेशनल पेंशन सिस्टम में और क्या-क्या हुए हैं बड़े बदलाव? 

Changes in NPS Rules Changes in NPS Rules

नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) यानी एनपीएस (NPS) में निवेश करने वालों के लिए खुशखबरी है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने  NPS में बड़ा बदलाव किया है. अब NPS में 75 नहीं बल्कि 85 साल की उम्र तक निवेश कर सकते हैं. यह सुविधा सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए है.

अब कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपने रिटायमेंट फंड का 80 फीसदी अमाउंट एकमुश्त निकाल सकते हैं. अब आप अपने कुल जमा पैसे का सिर्फ 20% हिस्सा ही एन्युटी खरीदने में लगा सकते हैं. आपको मालूम हो कि पहले एक साथ 60 फीसदी राशि ही निकालने की अनुमति थी और 40 % एन्युटी खरीदना अनिवार्य था. नेशनल पेंशन सिस्टम में और क्या-क्या बड़े बदलाव हुए हैं उसको जानने से पहले यह जान लेते हैं कि आखिर क्या है एनपीएस? 

क्या है नेशनल पेंशन सिस्टम 
नेशनल पेंशन सिस्टम की शुरुआत जनवरी 2004 में की गई थी. यह लंबी अवधि का निवेश प्लान है. शुरू में इसका उद्देश्य सरकारी कर्माचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन मुहैया कराना था. हालांकि 1 मई 2009 को इस स्कीम को सभी लोगों के लिए खोल दिया गया. इस स्कीम में लगाए गए पैसों को कम जोखिम में बेहतर रिटर्न देने के लिए जाना जाता है. इस स्कीम में लगाए गए पैसों को म्यूचुअल फंड या पेंशन फंड्स की तरह निवेश किया जाता है. 

एनपीएस में क्या-क्या हुए बड़े बदलाव 
1. अब NPS सब्सक्राइबर्स 75 नहीं बल्कि 85 साल की उम्र तक अपने एनपीएस अकाउंट में निवेश कर सकते हैं. सरकारी और गैर सरकारी दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए यह सुविधा है. इस तरह से अब आप अपनी सेवनिवृत्त होने की योजना को और लंबा खींच सकते हैं और ज्यादा पैसा जमा कर सकते हैं.

2. पहले जॉब से रिटायर होने के बाद कर्मचारियों को अपने कुल जमा पैसे का 40% हिस्सा एन्युटी खरीदने में लगाना पड़ता था. इसके बाद इसी आधार पर पेंशन दिया जाता था लेकिन अब कर्मचारी अपने कुल जमा पैसे का सिर्फ 20% हिस्सा ही एन्युटी खरीदने में लगा सकते हैं. आपको मालूम हो कि एन्युटी एक तरह की पेंशन योजना होती है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय देती है. मूलधन का शेष भाग एकमुश्त राशि के रूप में निकाला जा सकता है. 

3. एनपीएस खाते से एक साथ राशि निकालने को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. यदि किसी कर्मचारी के एनपीएस खाते में 8 लाख रुपए से कम बचते हैं तो वह पूरा अमाउंट निकाल सकता है, उसके लिए एन्युटी खरीदने का विकल्प ऑप्शनल होगा. यदि कुल राशि 8 लाख रुपए से 12 लाख रुपए के बीच है तो एक साथ रुपए निकालने की अधिकतम सीमा 6 लाख रुपए होगी. बाकी राशि का उपयोग एन्युटी खरीदने या 6 साल तक की अवधि में व्यवस्थित रूप से यूनिट निकालने के लिए किया जा सकता है. 

यदि कुल राशि 12 लाख रुपए से अधिक है तो इस राशि का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा एन्युटी खरीदने के लिए उपयोग करना होगा जबकि 80 प्रतिशत तक की राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है. यदि कोई कर्मचारी 60 साल की उम्र से पहले इस पेंशन स्कीम से निकलना चाहता है और 5 लाख रुपए डिपॉजिट है तो पूरा अमाउंट एनपीएस अकाउंट से निकाल सकता है, लेकिन 5 लाख से ज्यादा अमाउंट डिपॉजिट रहने पर 20 फीसदी अमाउंट एकमुश्त निकाली जा सकती है. बाकी 80 फीसदी अमाउंट एन्यूटी में जमा करना होगा. 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले कस्टमर्स के लिए 12 लाख रुपए से कम डिपॉजिट अमाउंट है तो 100% एकमुश्त भुगतान की अनुमति है. यदि 12 लाख से ज्यादा अमाउंट है तो 80% तक की एकमुश्त राशि एकमुश्त निकाल सकते हैं. कम से कम 20 फीसदी अमाउंट एन्युटी में लगा सकते हैं.

4. एनपीएस सब्सक्राइबर्स 60 साल की उम्र से पहले या रिटायरमेंट से पहले, जो भी बाद में हो, अधिकतम 4 बार पैसे निकाल सकेंगे.पहले यह सीमा तीन बार थी. हर बार पैसे निकालने के बीच कम से कम चार साल का अंतर होना जरूरी है. यदि आप 60 साल की उम्र के बाद भी एनपीएस में बने रहते हैं, तो आप अपने कॉर्पस से आंशिक निकासी कर सकते हैं. अब इन आंशिक निकासी के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना होगा.

5. यदि कोई एनपीएस सब्सक्राइबर भारत का नागरिक नहीं रहता है, तो वह अपने व्यक्तिगत पेंशन खाते को बंद कर सकता है और अपने जमा किए गए पूरे पैसे को एक साथ निकाल सकता है. यदि कोई एनपीएस सब्सक्राइबर लापता हो जाता है या उसे मृत मान लिया जाता है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी वारिस को अंतरिम राहत के तौर पर कुल जमा फंड का 20% तुरंत एकमुश्त दे दिया जाएगा. बाकी बचा 80% पैसा निवेशित रहेगा और कानूनन मृत घोषित होने पर दिया जाएगा. अब एनपीएस अकाउंट को गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया जा सकता है.