RBI
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भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक समीक्षा नीति (RBI Monetary Policy) की बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले लिए गए हैं. जैसे रेपो रेट (Repo Rate) को बढ़ाकर 4.90 फीसदी कर दिया गया है, इसके साथ साथ क्रेडिड कार्ड को यूपीआई से जोड़ने की बात कही है, इसके अलावा, ट्रांजेक्शन को लेकर भी कदम उठाए गए हैं.
ट्रांजेक्शन की बात करें तो RBI ने कहा है कि अब से 15 हजार रुपये तक के रिकरिंग ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ेगी. आपको बता दें, मौजूदा समय में इसके तहत 5000 रुपये तक की पेमेंट पर ओटीपी की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब इस लिमिट को बढ़ा दिया गया है.
5 हजार से 15 हजार की गई रिकरिंग ट्रांजेक्शन लिमिट
आपको बताते चलें आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास में मुताबिक इस लिमिट को बढ़ाने की मांग बहुत समय से चल रही थी. इन मांगों को ही देखते हुए ये फैसला लिया गया है. आखिरी बार रिकरिंग भुगतान को लेकर 2019 में नियम जारी किए गए थे. जिसमें कहा गया था कि ऑटो डेबिट ट्रांजेक्शन से 24 घंटे पहले ग्राहक को पैसे कटने की जानकारी देनी होती है. इस जानकारी को देने के बाद ही ट्रांजेक्शन हो सकती है. हालांकि, ये नियम जैसा था वैसा ही रहेगा, बस इसे लेकर जो भुगतान की लिमिट है उसे 5000 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये कर दिया गया है.
नियम के तहत अगर आपको 15 हजार रुपये तक का भुगतान करना है तो उसके लिए किसी तरह के ओटीपी की जरूरत नहीं होगा. अब इंश्योरेंस की ईएमआई और ट्यूशन फीस आदि जैसी छोटी मोटी पेमेंट ऑटोमेटिक ही हो जायेगी.
रूपे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए भी यूपीआई पेमेंट
इसके अलावा, अब आप रूपे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए भी यूपीआई पेमेंट (Credit Cards UPI) कर सकेंगे. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस घोषणा के बाद कहा कि आज यूपीआई पेमेंट करने के सबसे अहम तरीकों में से एक बन गया है. ऐसे में रूपे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी यूपीआई पेमेंट के लिए कर सकेंगे.
गौरतलब है कि मौजूदा समय में हम सेविंग्स और करंट अकाउंट के डेबिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करके इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब क्रेडिट कार्ड को भी यूपीआई के साथ लिंक किया जा सकेगा.