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बैंक, शेयर, EPF और बीमा में कहीं आपका पैसा तो नहीं फंसा, ऐसे करें पता, वापस पाने का तरीका भी जानें

अनक्लेम्ड पैसा खोया नहीं है. उसे वापस पाया जा सकता है. इसके लिए अवेयरनेस और दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी. आप बैंकों, शेयर, ईपीएफ और बीमा से जुड़े अनक्लेम्ड रकम को वापस पास सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे पता करें कि आपके पास भी बिना क्लेम किया हुआ पैसा है या नहीं है. सबसे पहले क्या करना चाहिए?

How to claim Unclaimed assets How to claim Unclaimed assets

देश में बैंक डिपॉजिट, शेयर, बीमा पॉलिसी और प्रोविंडेंट फंड जैसे निवेशों में बिना क्लेम के बड़ी रकम पड़ी हुई है. ये रकम लगातार बढ़ती जा रही है. समस्या ये है कि ज्यादातर लोगों को ये ही नहीं पता है कि अपने पैसों को वापस कैसे पाएं? पैसों को वापस पाने के लिए शुरुआत में क्या करें? सबसे अच्छी बात ये है कि ये पैसा खोया नहीं है. इसे अभी भी क्लेम किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए सही प्रोसेस अपनाने की जरूरत है.

प्रोसेस कैसे शुरू करें?
पैसा वापस पाने के लिए सबसे जरूरी ये पता लगाना है कि आपका पैसा कहां फंसा हुआ है. इसके लिए कोई एक प्लेटफॉर्म नहीं है, जो अनक्लेम्ड असेट्स को कवर करता हो. इसके लिए आपको कई जगहों पर जांच करनी होगी. इसकी शुरुआत बैंक डिपॉजिट से कर सकते हैं. इसके बाद शेयर और डिविडेंट देखना चाहिए. उसके बाद ईपीएफ और इंश्योरेंस देखना चाहिए.

बैंक डिपॉजिट कैसे चेक करें?
बैंक डिपॉजिट चेक करने के लिए UDGM पोर्टल पर जाकर आप अपने नाम, पैन या जन्मतिथि जैसी जानकारी देकर अनक्लेम्ड पैसे की जानकारी हासिल कर सकते हैं. अगर जानकारी मिल जाए तो उसे नोट कर लें.

शेयर और डिविडेंड-
शेयर और डिविडेंट के लिए Investor Education and Protection Fund (IEPF) की वेबसाइट पर जाकर पैसों की जानकारी हासिल कर ले सकते हैं. इस जगह उन पैसों की जानकारी अपलोड होती है, जो लंबे समय से क्लेम नहीं किए गए हैं.

प्रोविडेंट फंड-
भविष्य निधि में मौजूद रकम की जानकारी हासिल के लिए यूनवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) का इस्तेमाल करके EPFO पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं और अपना बैलेंस चेक कर सकते हैं. अगर पैसे हों तो उसे क्लेम कर सकते हैं.

बीमा-
अगर आप बीमा कंपनियों के अनक्लेम्ड पैसों की जानकारी चाहते हैं तो संबंधित कंपनी या रेगुलेटर की वेबसाइट पर जाए और अनक्लेम्ड पॉलिसी की जानकारी हासिल करें.

अनक्लेम्ड असेट्स का पता चलने पर क्या करें?
जब आपको अनक्लेम्ड असेट्स का पता चल जाए तो उससे संबंधित संस्था में क्लेम करना होगा. बैंक में संबंधित शाखा में जाकर फॉर्म भरना होगा और क्लेम करना होगा. अगर खाताधारक की मौत हो चुकी है तो डेथ सर्टिफिकेट और लीगल वारिस के दस्तावेज देकर पैसे के लिए क्लेम कर सकते हैं.
अगर शेयर में बिना क्लेम किया हुआ पैसा है तो इसके लिए आपको IEPF-5 फॉर्म ऑनलाइन भरना होगा. इसके बाद उसका प्रिंट निकालना होगा और जरूरी दस्तावेजों के साथ कंपनी में जमा कर दें.

अगर पैसा ईपीएफओ से जुड़ा है तो केवाईसी की जरूरी शर्तें पूरा करें और ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं. बीमा से जुड़ी रकम हासिल करने के लिए पॉलिसी डिटेल्स, पहचान पत्र और नॉमिनी के दस्तावेज की जरूरत होती.

कहां होती है दिक्कत?
हर कोई चाहता है कि अनक्लेम्ड पैसा मिल जाए. लेकिन सबसे बड़ समस्या दस्तावेजों को लेकर आती है. कई खाते अनक्लेम्ड होते हैं, क्योंकि उनका केवाईसी अपडेट नहीं होता है. पता भी बदल गया होता है. खाताधारक की मृत्यु हो जाती है. उसमें नॉमिनी का नाम सही तरीके से दर्ज नहीं हो पाता है. ऐसे में कानूनी दस्तावेजों की कमी हो जाती है. जिसकी वजह से क्लेम का प्रोसेस धीमा हो सकता है. इतना ही नहीं, अलग-अलग पैसों को अलग-अलग संस्थाएं कंट्रोल करती हैं. इसलिए क्लेम करने वालों को कई जगहों से गुजरना होता है. इससे भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

देर नहीं करनी चाहिए-
बैंक में जमा अनक्लेम्ड रकम पर कम ब्याज मिलता है. कभी-कभी ये काफी कम होती है. समय के साथ पैसों की कीमत घटती है. इतना ही नहीं, जब ज्यादा देरी होती है तो पुराने दस्तावेजों को जुटाना भी मुश्किल होता जाता है. इसलिए क्लेम करने में देरी नहीं करनी चाहिए.

क्या करना चाहिए?
सबसे पहले UDGAM पोर्टल पर बैंक डिपॉजिट चेक करें. इसके बाद शेयर, ईपीएफ और बीमा की जांच करें. इतना ही नहीं, ये साफ करें कि सभी खातों में केवाईसी अपडेट हो. नॉमिनी जरूर जोड़ना चाहिए. फैमिली के सभी निवेश का रिकॉर्ड बनाकर जरूर रखें. आपको अनक्लेम्ड पैसा खोया नहीं है. सही प्रोसेस अपनाकर उसे वापस पा सकते हैं.

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